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आशा व्यास हत्याकांड : पिता से अवैध संबंधो के कारण बेटे ने करवाई थी हत्या | INDORE NEWS

इंदौर।10 साल पूर्व हुए आशा व्यास की हत्या का खुलासा एडीजी वरुण कपूर (ADG Varun Kapoor) के निर्देश पर बनी SIT ने ऑपरेशन उजागर के तहत किया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरा आरोपी पहले से जेल में बंद है। 28 जून 2009 को व्यासफला इलाके में जमींदार की चाल में रहने वाली आशा की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। इसमें पुलिस को काफी जांच के बाद भी सफलता नहीं मिल रही थी। 

SIT के SI रितेश नागर ने नए सिरे से इस केस की जांच की तो पता चला कि हत्या को अवैध संबंधों के चलते सुपारी देकर अंजाम दिया गया था। आशा के जिस व्यक्ति से संबंध थे, उस व्यक्ति के बेटे ने 25 हजार रुपए की सुपारी देकर ही उसकी हत्या करवाई थी। एसआईटी के मुताबिक, आशा के उसी की चाल में रहने वाले मदनलाल बनोड़िया (Madanlal Banodiya) से अवैध संबंध (Illicit relationship) थे। आशा मां के साथ रहती थी। मदनलाल अपने बेटे अनिल व पत्नी के साथ। मदनलाल और आशा के संबंधों को लेकर उनके परिवार में अकसर विवाद होते थे। इसके ज्यादा बढ़ने पर मदनलाल बड़ोदिया ने आशा के लिए एक अन्य मकान किराये पर ले लिया था जो उनके पुराने मकान से 50 मीटर की दूरी पर था।

इस मकान को लेने के कुछ दिन बाद आशा की मां की मौत हो गई और वह अकेली रहने लगी। इधर अपने पिता मदनलाल से आशा के मेलजोल को बेटा अनिल (Anil Banodiya) बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। उसका पिता से आए दिन विवाद होता था। बेटे अनिल ने इस विवाद के चलते आशा को रास्ते से हटाने की प्लानिंग की और रावजी बाजार क्षेत्र के गुंडे अंकित शर्मा (Ankit Sharma) निवासी चंद्रभागा से संपर्क कर उसे आशा की हत्या के लिए 25 हजार रुपए की सुपारी दे दी। आरोपी सुबह से ही घर के सामने घात लगाए बैठे थे, जैसे ही आशा आई, उसे बाहर बुलाकर किया हमला एडीजी के अनुसार, 28 जून को गुंडे अंकित ने सुपारी लेने के बाद आरोपी अनिल बड़ोदिया के साथ घात लगाकर आशा व्यास के किराये के मकान के सामने उसका इंतजार किया, पर वह सुबह से घर में नहीं थी।

इस पर काफी इंतजार के बाद दोनों आरोपी शनि गली में उसके आने का इंतजार करते हुए हथियार लेकर बैठ गए थे। दोपहर में जैसे ही आशा अपने घर आई तो उसके घर में जाने के थोड़ देर बाद दोनों आरोपी वहां पहुंचे और दरवाजा खटखटाकर आशा को बाहर बुलाया। उसके आते ही उस पर चाकू से वार कर दिए। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। 

घटना के बाद आरोपी अनिल बड़ोनिया (43) अपने गांव पिड़वाय रहने चला गया। यहीं उसने हत्या में प्रयुक्त चाकू को जमीन में गड़ा दिया। एसआईटी ने आरोपी को उसी के गांव से गिरफ्तार कर उससे चाकू भी जब्त किया है। वहीं सुपारी लेकर हत्या को अंजाम देने वाला आरोपी अंकित फायरिंग करने के आरोप में पहले से जेल में बंद है। पुलिस उसकी जेल से गिरफ्तारी लेगी। आरोपी अंकित पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट और धमकाने के 11 आपराधिक मामले हैं।