Loading...

IFMIS से पेंशन प्रकरणों के निराकरण हेतु गाइडलाइन | Guidelines for resolving pension cases from IFMIS

भोपाल। संचालनालय कोष एवं लेखा मध्यप्रदेश, पर्यावास भवन, पंचम तल, खण्ड-अ भोपाल ने पत्र कमांक/सं.को.ले./पेंशन मॉडयूल/2019/80 भोपाल, दिनांक 16/0/2019 के माध्यम से स्पष्ट किया है कि  दिनांक 05/09/2019 के पश्चात् समस्त पेंशन प्रकरणों का निराकरण समस्त म0प्र0 में, IFMIS का उपयोग कर करते हुए किया जाएगा। 

पत्र में लिखा गया है कि यह निर्णय लिया गया है कि दिनांक 05/09/2019 के पश्चात् समस्त पेंशन प्रकरणों का निराकरण समस्त म0प्र0 में, IFMIS का उपयोग कर करते हुए किया जाएगा ताकि प्रकरणों के निराकरण में, समस्त स्थानों पर आने वाली संभावित कठिनाईयों को ज्ञात कर उनका समाधान किया जा सके IFMIS से पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए आवश्यक पूर्व तैयारी का विवरण संदर्भित पत्र द्वारा किया गया है।

दिनांक 11/09/2019 को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, जिसमें संचालक पेंशन पेंशन अधिकारी भी उपस्थित रहे, तैयारी की समीक्षा की गई एवं दिनांक 13-14 सितंबर 2019 को प्रशासन अकादमी में दो दिवसीय सैद्धांतिक एवं हैण्डसऑन प्रशिक्षण भी दिया गया है। उक्त प्रशिक्षण में समस्त प्रक्रियाओं से पेंशन अधिकारियों को अवगत कराते हुए उनकी शंकाओं/प्रश्नों का समाधान भी किया गया है।

नवीन पेंशन प्रकरणों के लिए प्रक्रिया के संबंध में सामान्य निर्देश निम्नानुसार हैं - :

(A) IEMIS के माध्यम से पेंशन प्रकरण सबमिट करने की प्रक्रिया :

1. आगामी 24 से 30 माह के भीतर सेवा निवृत्त होने वाले समस्त शासकीय सेवकों की सूची पहली जनवरी और पहली जुलाई को IFMIS के माध्यम से विभागाध्यक्ष/जिला कलेक्टर/डी.डी.ओ. /संभागीय/जिला पेंशन अधिकारी/संचालक पेंशन/आयुक्त, कोष एवं लेखा के लॉगिन पर उपलब्ध रहेगीपूर्व में यह सूची विभागाध्यक्ष/कार्यालय प्रमुख भौतिक रूप से तैयार कर पेंशन कार्यालय को प्रस्तुत करते रहे हैं। 

शासकीय सेवक द्वारा आहरण संवितरण अधिकारी से प्राप्त लॉगिन एवं पासवर्ड का उपयोग IFMIS पर लॉगिन किया जा सकेगा। 

शासकीय सेवक द्वारा IEMIS पर लॉगिन कर एवं परिवार के सदस्यों का नाम, जन्म तिथि, बैंक विवरण, वर्तमान तथा स्थायी पता, ई-मेल, मोबाईल क्रमांक, पहचान चिन्ह, कद, धर्म, राष्ट्रीयता आदि की जांच की जाएगी तथा संशोधन वांछित होने पर IFMIS के ESS गॉडयूल में प्रदत्त सुविधा का उपयोग कर कार्यालय प्रमुख को ऑनलाईन आवेदन दिया जाएगा। यह उल्लेखनीय है कि ESS मॉडयूल, इन्टरनेट एवं मोबाईल पर भी चलाया जा सकता है।

(a) उपरोक्तानुसार समस्त विवरण सही होने पर शासकीय सेवक अपनी सेवा निवृत्ति के तीन माह पूर्व अपने लॉगिन-पासवर्ड से पेंशन एवं अन्य सेवा निवृत्ति लाभों के लिए, IFMIS के माध्यम से पेंशन हेतु निर्धारित आवेदन (परिशिष्ट अ) कर सकेगापेंशन प्रपत्र में जानकारी JEMIS में उपलब्ध डाटा के आधार पर स्वत: प्रदर्शित होगी. यदि उसमें किसी प्रकार (बैंक विवरण, परिवार विवरण, नामांकन आदि) का परिवर्तन/संशोधन अपेक्षित है, तब परिवर्तन/संशोधन के लिए ऑन लाईन आवेदन एम्प्लाई सेल्फ सर्विसेस (ESS) मॉडयूल में किया जाएगा। सुसंगत दस्तावेज स्केन कर अपलोड किये जाएंगे।

(b) ऐसे कर्मचारी, जो किसी कारणवश IFMIS का स्वयं उपयोग करने में असमर्थ हैं, कार्यालय प्रमुख को, अपनी ओर से पेंशन प्रपत्र भरने के लिए आवेदन कर सकेंगे एवं कार्यालय प्रमुख द्वारा, ऑन बिहाफ (on behalf) सुविधा का उपयोग कर, प्रपत्र भरा जाएगा।

(c) शासकीय सेवक के दिवंगत होने पर परिवार पेंशन के प्रकरण में मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक विवरण तथा अन्य जानकारी के साथ आवेदन प्राप्त होने से 15 दिवस के अंदर कार्यालय प्रमुख/आहरण संवितरण अधिकारी द्वारा ऑन बिहाफ सुविधा का उपयोग कर IFMIS के माध्यम से प्रविष्टि की जाएगी।

ऑनलाईन प्राप्त पेंशन प्रपत्रों में प्रविष्ठ समस्त जानकारी का कार्यालय प्रमुख द्वारा परीक्षण किया जाएगा एवं अन्य जानकारी के साथ-साथ निम्नलिखित जानकारी को सत्यापित किया जाएगा। 
a. समस्त विभागीय जांच/आपराधिक प्रकरणों की प्रविष्ठियां
b. कर्मचारी को प्रदत्त दण्ड आदि की प्रविष्ठियां
c. अर्हताकारी सेवा की प्रविष्ठियां

यदि उक्त प्रविष्ठियां अपूर्ण हैं, तो प्रविष्ठियों को पूर्ण करने का दायित्व कार्यालय प्रमुख का होगा।

(a) सभी दृष्टि से पूर्ण होने पर कार्यालय प्रमुख (पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी), पेंशन/उपादान/ सारांशिकृत राशि/परिवार पेंशन प्रकरण स्वीकृत करेगा एवं पेंशन प्रकरण, पेंशन कार्यालय को अग्रेषित करेगा

(b) ऑनलाईन प्रेषित पेंशन फॉर्म का, कार्यालय प्रमुख द्वारा प्रिंट लिया जाकर, प्रत्येक पृष्ठ पर हस्ताक्षर कर पेंशन प्रकरण, सेवा पुस्तिका एवं अन्य वांछित अभिलेखों के साथ, पेंशन प्राधिकृतकर्ता अधिकारी (अर्थात् संभागीय पेंशन अधिकारी, जिला पेंशन अधिकारी) को भौतिक एवं समानान्तर रूप से प्रेषित किया जाएगाकिसी भी स्थिति में, हाथ से भरा हुआ या IFMIS से पृथक कम्प्यूटर पर टंकित किया गया प्रकरण, स्वीकार नहीं किया जाएगा।

व्यवस्था 30/11/2019 तक जारी रखी जाएगी। तत्पश्चात उक्त व्यवस्था का अध्ययन कर निर्णय लिया जाएगा।

शासकीय सेवक के विरूद्ध विभागीय जांच/आपराधिक प्रकरण लंबित होने की स्थिति में प्रकरण में पेंशन स्वीकृत नहीं की जावेगी। ऐसे प्रकरणों में पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा IFMIS का उपयोग करते हुए प्रावाधिक पेंशन की स्वीकृति दी जाएगीविभागीय जांच/आपराधिक प्रकरण समाप्त होने पर नियमित पेंशन के लिए प्रकरण पेंशन प्राधिकृतकर्ता अधिकारी को ऑनलाईन अग्रेषित किया जाएगा।

पेंशन प्राधिकृतकर्ता अधिकारी द्वारा, पेंशन फॉर्म कार्यालय प्रमुख की ओर से अग्रेषित करने की दिनांक अथवा सेवा निवृत्ति की दिनांक, जो भी बाद में हो के 15 दिवस की समय सीमा में पेंशन प्राधिकार पत्र जारी किया जाएगा। असाधारण स्थिति में, उक्त समय सीमा में पेंशन प्राधिकार पत्र जारी न होने पर, प्रत्याशित पेंशन/परिवार पेंशन की स्वीकृति IFMIS सॉफ्टवेयर का उपयोग कर पेंशन प्राधिकृतकर्ता अधिकारी द्वारा की जाएगी।

(B) IFMIS के माध्यम से पेंशन प्राधिकार पत्र जारी करना :

(a) आहरण संवितरण अधिकारी से स्वीकृत पेंशन प्रकरण, पेंशन प्राधिकृतकर्ता कार्यालय में ऑनलाईन प्राप्त होगा।

(b) साथ ही विन्दु क्रमांक A.6.(b) के अनुसार, IFMIS से प्रिंट किया हुआ हस्ताक्षरित पेंशन प्रकरण भौतिक सेवा पुस्तिका के साथ भी प्राप्त किया जाएगाभौतिक सेवा पुस्तिका के आधार पर, पेंशन प्रकरण के ऑनलाईन फॉर्म में सभी जानकारी का नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा। ऑनलाईन प्रकरण प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच/ परीक्षण, पेंशन प्राधिकृतकर्ता कार्यालय स्तर पर किया जाएगा।

ऑनलाईन प्रकरण प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच/ परीक्षण, पेंशन प्राधिकृतकर्ता कार्यालय स्तर पर किया जाएगा।

पेंशन प्राधिकृतकर्ता कार्यालय द्वारा पेंशन एवं अन्य देय भुगतानों के विवरण एवं गणना की जांच, गणना में/विवरण में सामान्य विसंगति होने पर सुधार किया जाएगा, गंभीर त्रुटि होने पर कार्यालय प्रमुख को पुनः जांच के लिए प्रेषित किया जाएगा। नियमानुसार सही पाए जाने पर पेंशन प्रकरण P.P.O. जारी करने के लिए तैयार करेगा। अनुमोदित पेंशन प्राधिकार पत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जाएंगे अथवा उसको प्रिंट कर स्याही से हस्ताक्षरित किया जाएगा।

पेंशन प्राधिकृतकर्ता कार्यालय को पेंशन प्रकरण अग्रेषित करने के पश्चात्, कर्मचारी के विरूद्ध ऐसी कोई घटना जो पेंशन पर प्रभाव डालती है, जैसे-विभागीय जांच/वसूली/अन्य परिवर्तन का ज्ञान होता है तो, कार्यालय प्रमुख द्वारा तत्काल पेंशन प्राधिकृतकर्ता अधिकारी को पेंशन नियम 60 के तहत सूचना दी जाएगी। पेंशन नियम 49 के तहत कर्मचारी के सेवा निवृत्त होने के 1 सप्ताह के अंदर, कार्यालय प्रमुख का यह दायित्व होगा कि वह पेंशन प्राधिकृत कर्ता अधिकारी को अवगत कराए।

कर्मचारी की सेवा निवृत्ति तिथि के एक सप्ताह पश्चात् तक कोई सूचना प्राप्त नहीं होती है, तब पेंशन प्राधिकृतकर्ता अधिकारी, पेंशन प्राधिकार पत्र/उपादान/सारांशिकरण आदेश जारी करेगा। कार्यालय प्रमुख से सूचना प्राप्त होने पर, यथा सूचना आगामी कार्यवाही की जाएगीकोई भी पेंशन प्राधिकार पत्र सशर्त जारी नहीं किया जाएगा।

पेंशन प्राधिकार पत्र जारी होने के पश्चात्, परंतु भुगतान हेतु देयक कोषालय में देयक भेजने के पूर्व कार्यालय प्रमुख के ध्यान में कोई जानकारी आने पर तत्काल पेंशन प्राधिकृतकर्ता अधिकारी को सूचित किया जाएगा। पेंशन प्राधिकृतकर्ता अधिकारी द्वारा कार्यालय प्रमुख से प्राप्त सूचना पर तत्परता से अनुवर्ती कार्यवाही की जाएगी

(C) सारांशिकरण हेतु आवेदन :पेंशनभोगी अपना आवेदन भरते समय, सारांशिकरण के लिए आवेदन कर सकता है तथा आवेदन, कार्यालय प्रमुख को प्रेषित करने के पश्चात्, पेंशन प्रकरण, डी.डी.ओ. से स्वीकार्य होने तक, सारांशिकरण के लिए आवेदन किया जा सकता है। पेंशन स्वीकृत होने के पश्चात्, कर्मचारी को पृथक से आवेदन करना होगा।

(E) दिनांक 05/09/2019 के पूर्व DPO को CSFMS से प्रेषित परंतु आपत्ति में वापस प्रकरणों का निराकरण :

1. ऐसे प्रकरण DPO द्वारा CSFMS में DDO को वापस किए जाएंगे।

2. DDO द्वारा पेंशन प्रकरण निरस्त किया जाएगा।

3. IFMIS में उक्त प्रकरण उसी प्रकार निराकृत किये जाएंगे जिस प्रकार, नवीन पेंशन केस का निराकरण किया जाता है।


(F) दिनांक 05/09/2019 के पूर्व CSFMS में निराकृत पेंशन प्रकरणों का पुनरीक्षण :

1. ऐसे प्रकरणों का पुनरीक्षण आगामी आदेश तक CSFMS में यथावत किया जाता रहेगा।

(G) ऐसे प्रकरण, जो CSFMS में DDO के स्तर पर लंबित थे और जिन्हें DPO को अग्रेषित नहीं किया गया था, का निराकरण :

1. कार्यालय प्रमुख द्वारा CSFMS में प्रचलित प्रकरण को निरस्त किया जाएगा।

(H) उपर्युक्त के अतिरिक्त यह भी निर्देशित किया जाता है कि :

1. उक्त निर्देशों से आहरण अधिकारियों को अवगत कराया जाए।

2. आहरण अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण तत्काल दिया जाए। यह कार्य आगामी सप्ताह तक पूर्ण कर लिया जाए।

3. संभागीय संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा तथा संभागीय पेंशन अधिकारी निरंतर अपने संभाग की मॉनीटरिंग करेंगे तथा किसी भी कठिनाई/सुझाव से तत्काल संचालनालय पेंशन एवं इस कार्यालय को अवगत कराएंगे।

आयुक्त कोष एवं लेखा