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IAS के विरोध के बावजूद IPS अफसरों के लिए 15 ADG पद मंजूर

भोपाल। 15 अगस्त को आईएएस लॉबी ने आईपीएस लॉबी की सबसे पुरानी मनोकामना 'पुलिस कमिश्नर प्रणाली' की घोषणा रुकवा दी थी, परंतु इस बार आईएएस लॉबी सफल नहीं हो पाई। कैबिनेट मीटिंग में आईएएस अफसरों ने विरोध तो पूरी ताकत से किया परंतु सीएम कमलनाथ का सॉफ्ट कार्नर इस बार आईपीएस लॉबी की तरफ था अत: एडीजी के कुल 15 पदों को अस्थाई मंजूरी दे दी गई। (english)

आईएएस अफसरों ने क्या दलीलें दीं

अपर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कह दिया कि ‘जैसे-जैसे पद रिक्त होते हैं, प्रमोशन होता जाएगा। इतने अस्थाई पद नहीं देना चाहिए। आईएएस कैडर में मेरे ही बैच के दो अधिकारी एसीएस पद पर पदोन्नत नहीं हो पाए। मोहम्मद सुलेमान और मैं हो गए।’ मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल ने भी यही बात दोहराई। हालांकि इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि वे जहां भी जाते हैं आईपीएस अधिकारी कहते हैं कि उनके प्रमोशन नहीं हो रहे। इसलिए एडीजी के पदों को मंजूरी दे दी जाए। 

15 अगस्त को आईएएस लॉबी ने घोषणा रुकवा दी थी

उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त को सीएम कमलनाथ भोपाल एवं इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की घोषणा करने जा रहे थे कि तभी आईएएस अफसरों ने उन्हे रोक दिया। बाद में 
आईएएस-आईपीएस दोनों के प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिले और अपनी-अपनी बात रखी। इस दौरान भी स्थिति समान ही रही। आईएएस अफसरों ने कमिश्नर सिस्टम को अनुपयोगी और हानिकारक बताया जबकि आईपीएस अफसरों ने इसे अनिवार्य और उपयोगी। 

एडीजी डाॅ. विजय कुमार अब डीजी प्रमोट होंगे

गुरुवार को कैबिनेट में 1987 बैच के एडीजी डाॅ. विजय कुमार का मसला आया कि डीजी स्तर का एक पद रिक्त होता तो वे भी रिटायरमेंट से पहले डीजी बन जाते। इस पर कमलनाथ ने कहा कि इसे भी तुरंत किया जाए। सिर्फ एक महीने से किसी को नुकसान नहीं होना चाहिए। बाकी प्रक्रिया बाद में देखी जाएगी। यहां बता दें कि डाॅ. विजय कुमार अगले माह 31 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। 

अस्थाई पद दो वर्ष के लिए हैं

गृह विभाग का कहना है कि कैबिनेट से जिन भी अस्थाई पदों को मंजूरी मिली है, इनकी सूचना जल्द केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। अस्थाई पद दो वर्ष के लिए हैं। भविष्य में रिक्त होने वाले पदों में इन्हें समायोजित कर दिया जाएगा। 

यह है पदों का गणित

पंद्रह नए अस्थाई पद मंजूर होने से कुल संख्या 31 हो जाएगी। इन 15 पदों में 11 पदों पर पहले से ही एडीजी काम कर रहे हैं। ये 11 पद कैबिनेट के फैसले के बाद अस्थाई तौर पर नियमित हो जाएंगे। अतिरिक्त चार पदों पर 1994 बैच के अधिकारी एडीजी पद पर प्रमोट हो जाएंगे। इनमें पीएचक्यू में पदस्थ अनंत कुमार सिंह, आईजी होशंगाबाद आशुतोष राय, आईजी ग्वालियर राजाबाबू सिंह और आईजी चंबल डीपी गुप्ता शामिल हैं। एक अधिकारी मनमीत सिंह इस समय केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं।