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मंदसौर: 117 गांव खाली कराए, 20 हजार लोग राहत शिविर में

भोपाल। मध्यप्रदेश के मंदसौर और नीमच में हालात बेहद खराब हो गए हैं। मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि वो मदद के लिए सेना बुला रहे हैं। प्रशासन ने दावा किया है कि 200 गांव में पानी भर गया है, 117 गांव खाली करा लिए गए हैं एवं 20 हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचा दिया गया है जबकि लोकल मीडिया से खबर आ रही है कि प्रशासनिक राहत नाम मात्र को है। लोग जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। 

1944 में सबसे अधिक 62 इंच तक बारिश हुई थी


गांधी सागर बांध का पानी शनिवार रात तक मंदसौर और नीमच जिले के 63 गांवों तक आ गया। बाढ़ के हालात देखते हुए अगले दिन सुबह नौ बजे तक 2500 लोगों को उनके घरों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यहां बस स्टैंड तक में पानी भर गया था। जिसके चलते मौसम केंद्र ने यहां रेड अलर्ट जारी कर दिया है। अभी तक मंदसौर में 77.5 इंच बारिश हो चुकी है, इससे पहले 1944 में सबसे अधिक 62 इंच तक बारिश हुई थी।

कैबिनेट सचिव ने प्रशासनिक मुखिया से हालातों की जानकारी ली


गांधी सागर बांध से राजस्थान में भी बाढ़ आ गई है। केंद्र ने दोनों ही राज्यों की समीक्षा ली। जिसके बाद बांध को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया गया। कैबिनेट सचिव ने दोनों राज्यों के प्रशासनिक मुखिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर हालातों की जानकारी ली है। बता दें गांधी सागर में बारिश का 16 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 5 लाख क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। इससे राजस्थान के जिलों में बाढ़ आ गई है।

बांध में दरार नहीं पर घट रहा पानी


मध्यप्रदेश की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग में बैठे मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने कहा कि शनिवार को बांध में 16 लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, जो रविवार देर शाम को घटने लगी। बांध के बैक वाटर से 63 गांव प्रभावित हुए हैं, जिन्हें खाली करा दिया गया है। हालांकि बांध में कहीं दरार नहीं है, हर क्षण मॉनिटरिंग की जा रही है।