राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की अधिसूचना जारी | RASHTRIYA VYAPARI KALYAN BOARD NOTIFICATION

भोपाल। देश के इतिहास में पहली बार केंद्र सरकार द्वारा व्यापारियों के हित में काम करने का निर्णय लिया गया है केंद्र सरकार ने कैट की मांग को स्वीकार करते हुए राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन कर दिया है। व्यापारियों द्वारा काफी समय से कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया व राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीण खंडेलवाल  देश के खुदरा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अपने संगठन की आवाज को सम्बन्धित विभाग तक पहुंचाने के लिए व्यापारी कल्याण बोर्ड गठन की मांग कर रहे थे।

देश में उघोग के लिए उघोग विभाग,  किसान के लिए कृषि विभाग , तो फिर इस देश में खुदरा बाजार में व्यापार करने वाले करोड़ों लोग जो न सिर्फ अपनी पूंजी से बाजार को चलाने का काम कर रहें बल्कि सैकड़ों लोगों को रोजगार देने का काम भी करते हैं उनके लिए भी विभाग होना चाहिए। इस हेतु काफी समय से प्रयास किया जा रहा था, जो की अब पुर्ण हो गया है।  केन्द्र सरकार ने पहल करते हुए राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जिससे भारत के छोटे - बड़े सभी व्यापारी को लाभ होगा। 

ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्टिब्यूटर एसोशियन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शरद बजाज ने बताया की इस पहल के माध्यम से भारत के 7 करोड़ व्यापारी भारत के आर्थिक परिदृश्य में प्रमुख हितधारक के रूप में अपने अधिकार को मुहर लगाकर सम्मान की भावना के साथ सशक्त कर पाएंगे। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड व्यापारियों और सरकार के बीच एक सुचारू संवाद प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाकर व्यापार से संबंधित सभी मुद्दों को हल करने के लिये एक प्रमुख निकाय के रूप में कार्य करेगा। कैट ओर ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्टिब्यूटर  एसोसिएशन का मानना था कि देश की अर्थव्यवस्था को चलाने में खुदरा व्यापारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं इनके उत्थान और विकास के लिए भी एक मंत्रालय होना चाहिए। सरकार द्वारा व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुये व्यापारिक बोर्ड का गठन संगठन के शीर्ष संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ किया गया । खंडवा उपभोक्ता वस्तु वितरक संघ के अध्यक्ष एवम आल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट एसोशियन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शरद बजाज द्वारा कैट और आल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट एसोशियन को बधाई देते हुए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।