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क्या हिंदुस्तान पर हमला कर दें: PAKISTAN के पीएम संसद में पूछा

नई दिल्ली। कश्मीर मामले में भारी विरोध का सामना कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कश्मीर मामले में जितनी भी कूटनीतिक संभावनाएं हैं, हम कदम उठा रहे हैं। हम कोई कसर नहीं छोड़ रहे। अब क्या भारत पर हमला कर दें। बता दें कि पाकिस्तान ने भारत से सभी प्रकार के राजनीतिक रिश्ते तोड़ने के बाद व्यापारी व्यवहार भी बंद कर दिया है। ताजा खबर आ रही है कि उसने कश्मीर तक आने वाली अपनी रेल सेवा को भी बंद कर दिया है। 

आप बताएं पाकिस्तान को क्या करना चाहिए

जम्मू-कश्मीर पर भारतीय नेतृत्व के फैसले पर आगे की रणनीति तय करने के लिए पाकिस्तान की संसद में संयुक्त सत्र बुलाया गया था। संसद में जब प्रधानमंत्री इमरान खान कश्मीर मुद्दे पर उठे सवालों का जवाब दे रहे थे तो उनके हाव-भाव में झल्लाहट साफ नजर आई। संसद में विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ के सवालों का जवाब देते हुए इमरान ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने विपक्ष से सलाह मांगते हुए कहा कि आप ही बताएं कि कश्मीर में भारतीय कार्रवाई के जवाब में उनकी सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए। इमरान ने कहा, आखिर मैंने कौन सा कदम नहीं उठाया है, हमारा विदेश मंत्रालय तमाम देशों के राजदूतों के साथ बैठक कर रहा है। मैं दूसरे देशों के साथ भी संपर्क कर रहा हूं। अंतरराष्ट्रीय मंच से भी मदद मांग रहे हैं। शरीफ बताएं कि अब मुझे और क्या करना चाहिए? 

अब क्या हिंदुस्तान पर हमला कर दें

इमरान ने आगे कहा, हम संयुक्त राष्ट्र में सालों से गुहार लगा रहे हैं, हमने इस्लामिक सहयोग संगठन से भी कल बात की. कौन सी चीज है जो मैंने नहीं की, जो विपक्ष हमें ललकार रहा है। हम क्या हिंदुस्तान पर हमला कर दें?

जंग हुई तो असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा

युद्ध की चेतावनी देते हुए इमरान ने आगे कहा, अगर पारंपरिक युद्ध होता है तो दो नतीजे हो सकते हैं। युद्ध हमारे खिलाफ जा सकता है या हमारे हक में हो सकता है। अगर युद्ध हमारे खिलाफ जाता है तो एक रास्ता होगा कि हम हाथ खड़े कर हार मान लें और दूसरा रास्ता होगा- टीपू सुल्तान की तरह खून के आखिरी कतरे तक मुकाबला करें। अगर हम आखिरी कतरे तक लड़ते हैं तो फिर इस जंग को कोई नहीं जीत पाएगा। सब हार जाएंगे। उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। मैं परमाणु युद्ध की धमकी नहीं दे रहा हूं। मैं सामान्य समझ की अपील कर रहा हूं। अच्छे की उम्मीद करिए लेकिन सबसे खराब परिस्थिति के लिए भी तैयार रहिए।