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KHAJURAHO MILK फैक्ट्री में सिथेटिक दूध मिला, मालिक के खिलाफ FIR

भोपाल। भोपाल और आसपास के जिलों में सप्लाई होने वाले खजुराहो ब्रांड के खुले दूध का नमूना असुरक्षित पाया गया। इसमें डिटर्जेंट मिला है। खुलासा राज्य खाद्य प्रयोगशाला से सोमवार को जारी जांच रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट आने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अशोका गार्डन थाने में खजुराहो ब्रांड के मालिक ईश अरोरा (ISH ARORA) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

शहर में बिकने वाले दूध व दूध से बने उत्पादों के लिए गए नमूनों में नौ की जांच रिपोर्ट राज्य खाद्य प्रयोग शाला से सोमवार को जारी गई है। इनमें से आठ नमूने फेल (अमानक) पाए गए हैं। दूध के नमूनों में फैट की मात्रा कम मिली हैं। यानी पानी की मिलावट की गई थी। पनीर में दूध के फैट के अतिरिक्त अन्य चीजों का फैट भी मिला है। यानी पनीर में मिलावट की गई थी। जीरा का एक नमूना मिथ्याछाप (मिसब्रांडेड) मिला है। अमानक मिले नमूनों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया जाएगा। मामले में रासुका की कार्रवाई भी की जा सकती है। 

अधिकारियों ने बताया कि भोपाल में दूध में पहली बार डिटर्जेंट की मिलावट पाई गई है। 25 जुलाई को गोविंदपुरा में राजसंस डेयरी प्रोडक्ट (Rajsons Dairy Product) के नाम से संचालित प्लांट से खजुराहो के पैक दूध, गाय-भैंस का मिश्रित खुला दूध और पनीर के नमूने लिए गए थे। दूध को पाश्चुरीकृत कर खजुराहो नाम से बेचा जाता है। यहां से पनीर भी अमानक मिला। पनीर में मिल्क फैट के साथ दूसरा फैट भी मिला है। हालांकि, पैक दूध का नमूना पास हो गया है।

19 जुलाई को भिंड-मुरैना में सिंथेटिक दूध व मावा बनाए जाने का खुलासा होने के बाद से भोपाल में अब तक दूध व दूध से बने उत्पादों के 201 नमूने लिए गए हैं। इनमें 102 की जांच रिपोर्ट आ गई है। इनमें 37 नमूने फेल पाए गए हैं। असुरक्षित व अमानक नमूने आने पर 10 पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनमें दो व्यापारियों पर रासुका भी शामिल है।

नमूने दोबारा फेल हुए तो एफआईआर

जिन प्रतिष्ठानों के नमूने फेल हुए हैं वहां से दोबारा खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। दूसरी बार नमूने फेल होने पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश कलेक्टर तरुण पिथौड़े ने दिए हैं। अभी तक 37 नमूने फेल हुए हैं। इनमें 9 की दोबारा जांच हो चुकी है।

उत्पाद प्रतिष्ठान: क्या मिला

-मिश्रित दूध: राजसंस डेयरी, गोविंदपुरा: डिटर्जेंट की मिलावट (असुरक्षित)
-पनीर: राजसंस डेयरी, गोविंद पुरा: मिल्क फैट के अतिरिक्त अन्य फैट
-जीरा टिकटाक: रेस्टोरेंट सिंगारचोली: पैकेट पर ब्रांड की पूरी जानकारी नहीं
- भैंस का दूध: क्वालिटी मिल्क, नेहरू नगर: फैट की मात्रा कम मिली
- पनीर: रेलवे स्टेशन, भोपाल: दूध के फैट के साथ अन्य फैट मिला
-दूध: सांवरिया डेयरी, इतवारा: फैट की मात्रा कम मिली
-मक्खन: सांवरिया डेयरी, इतवारा: फैट की मात्रा कम मिली
-दूध: नेशनल डेयरी: फैट की मात्रा कम मिली
-दूध: देसी डेरी फार्म, चाणक्यपुरी: फैट की मात्रा कम मिली

नमूने फेल होने पर अब क्या

खजुराहो दूध में डिटर्जेंट मिलने के बाद इसे मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित श्रेणी का घोषित किया गया है। आईपीसी की धारा 272, 273 और 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। नमूनों की दोबारा जांच के लिए डेयरी संचालक को 30 दिन की मोहलत दी जाएगी। इसके बाद न्यायलय में केस प्रस्तुत किया जाएगा। असुरक्षित नमूने में 10 साल तक की सजा 10 लाख रुपए तक जुर्माना का प्रावधान है। बाकी आठ नमूने अमानक पाए गए हैं। इनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत प्ररकण दर्ज कर एडीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा।

दूध में मिलावाट ऐसे पहचाने 

दूध को एक गिलास में लेकर दूसरे गिलास में पलटने या हिलाने पर साबुन की तरह झाग निकलने पर डिटर्जेंट की मिलावट हो सकती है।

गंभीर बीमारियों का खतरा

डिटर्जेंट समेत किसी भी केमिकल से किडनी व लिवर खराब हो सकता है। आंते खराब हो सकती है। ज्यादा दिन तक शरीर में इनके पहुंचने से कैंसर भी हो सकता है। दिमाग पर भी असर हो सकता है। एजर्ली की भी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं।
-डॉ. आरआर वर्डे सह प्राध्यापक, मेडिसिन विभाग, हमीदिया

तेल की मिलावट छुपाने के लिए मिलाते हैं डिटर्जेंट

व्यापरी दूध से फैट निकाल लेते हैं। दूध में पानी में मिलाते हैं। फैट की मात्रा मापदंड अनुसार करने के लिए तेल मिलाते हैंं। दूध में तेल तैरता दिखाई न दे, इसलिए डिटर्जेंट मिलाते हैं।