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INDORE फिल्मों जैसी घटना: कारोबारी, काला कारोबार, कर्मचारी और पुलिस

इंदौर। यह बिल्कुल फिल्मों जैसी कहानी है। एक कारोबारी अवैध कारोबार करता है। कर्मचारी को इसका पता चल जाता है। कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है। इससे पहले कि कर्मचारी, कारोबारी के खिलाफ कोई कदम उठा पाता। कारोबारी पुलिस को बुलाता है और 5 लाख रुपए देकर कर्मचारी को जेल में सड़ाने की डील करता है। पुलिस झूठा मामला दर्ज करके कर्मचारी को गिरफ्तार करती है। कारोबारी लॉकअप में आकर अपना रखूस दिखाता है। कर्मचारी को पीटता है। फिर उसे जेल भेज दिया जाता है। इस कहानी में पीड़ित युवक के पिता के हाथ एक सबूत लग गया और पूरे मामले का खुलासा हुआ गया। क्लाइमेक्स अभी बाकी है। 

कारोबारी संजय जैसवानी ने पुलिस को पैसे दिए

श्याम नगर (मेन) निवासी घनश्याम वर्मा (Ghanshyam Verma) शनिवार को एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र के पास पहुंचे और लसूड़िया थाने में पदस्थ एएसआई अशोक शर्मा (ASI ASHOK SHARMA), टीआई संतोष दूधी व सीएसपी हरीश मोटवानी की शिकायत की। वर्मा के मुताबिक एएसआई शर्मा ने केम्को च्यू प्रा.लि. (KAMCO CHEW FOOD PRIVATE LIMITED) के संचालक संजय जैसवानी से (Sanjay jeswani) पांच लाख रुपए में डील की और बेटे शुभम व साथी संजय और अंकित केवट (Shubham jaswani and Sanjay and Ankit Kewat) को 70 लाख की हेराफेरी व धोखाधड़ी (Fraud) में फंसा दिया। 

कारोबारी ने फिल्मी स्टाइल में लॉकअप में आकर पीटा

शुभम, संजय जैसवानी की कंपनी में अकाउंटेंट था। यहां होने वाले अवैध कारोबार की वजह से उसने 18 जून को नौकरी छोड़ दी। इससे गुस्साए जैसवानी ने 14 जुलाई को मारपीट, अवैध वसूली का केस बनवाया, लेकिन जमानत होने से वह भड़क गया और इस बार पांच लाख में सौदा किया और नौ अगस्त को लाखों की धोखाधड़ी में फंसा दिया। जैसवानी खुद थाने आया और शुभम को लॉकअप से निकालकर जमकर पीटा। पुलिस ने शुभम, संजय और अमित से 20 लाख रुपए के माल की जब्ती दर्शाई और जेल भेज दिया। 

पीड़ित के पिता को मिली रिकॉर्डिंग

पिता घनश्याम ने शुभम के मोबाइल की छानबीन की तो एक रिकॉर्डिंग मिली। इसमें लसूड़िया थाने का एएसआई अशोक शर्मा (जांच अधिकारी) और कनाड़िया थाने से बर्खास्त एसआई एमसी रघुवंशी बात कर रहे हैं। रघुवंशी आरोपित शुभम के पड़ोसी हैं। वे उसकी मदद थाने गए थे। एएसआई शर्मा उन्हें थाने के बाहर (मंदिर के समीप) लेकर आया और बोला कि सामने वाला (जैसवानी) चाहता है कि उसे (शुभम) जेल हो। तुम (रघुवंशी) उसकी मदद मत करो। ऐसे वक्त पेश करवाओ कि उसकी जमानत कैंसिल हो जाए और कोर्ट जेल भेज दे। बाद में भले ही तुम मदद करने रहना। तुम्हारे नाम पर मैं उससे (जैसवानी से) दो लाख रुपए ले लूंगा। एक तुम रख लेना और एक मैं रख लूंगा। परिजन ने ऑडियो की सीडी बनाकर एसएसपी को सौंपी।

सीएसपी हरीश मोटवानी ने भी धमकाया

परिजन ने आरोप लगाया कि उन्होंने विजय नगर सीएसपी हरीश मोटवानी को शिकायत की तो उन्होंने धमकाया और कहा कि तुम्हारी शिकायत से कुछ नहीं होगा। जांच तो मुझे ही करना है। जो हुआ उसके लिए जैसवानी से माफी मांग लो। एसएसपी के मुताबिक केस डायरी का परीक्षण कराया जा रहा है। फिलहाल ऑडियो के कारण एएसआई को निलंबित कर दिया है।

पुलिस ने जैसवानी की कंपनी के मैनेजर राम की शिकायत पर शुभम, संजय और अमित को गिरफ्तार किया था। राम ने रिपोर्ट में लिखवाया कि आरोपितों ने कर्मचारियों के फर्जी जॉब कार्ड बनाए और लाखों की हेराफेरी की। बाद में पता चला उसने करीब 70 लाख के माल की हेराफेरी भी की है।