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GWALIOR NEWS | शासकीय भूमि को बेचने वालो के विरूद्ध रासुका की कार्रवाई की जायेगी: कलेक्टर

ग्वालियर। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर उसे बेचने वाले कॉलोनाइजरों के विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई की जायेगी। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी ने दिए हैं। 

राजस्व प्रकरणों की समीक्षा बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में कलेक्टर अनुराग चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के साथ ही शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश सभी राजस्व अधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर अनुप कुमार सिंह, एडीएम टी एन सिंह, अपर कलेक्टर किशोर कान्याल, अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, एसडीएम डबरा श्रीमती जयति सिंह सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। शासकीय भूमि पर पक्के निर्माण कर निवास करने वालों को भी नोटिस जारी कर बेदखल की कार्रवाई की जाए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि राजस्व न्यायालयों के माध्यम से पारित किए गए आदेशों का शतप्रतिशत अमल भी सुनिश्चित किया जाए। 

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान लक्ष्य के अनुरूप वसूली न होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को राजस्व वसूली लक्ष्य के अनुरूप अभियान चलाकर करने के निर्देश दिए हैं। राजस्व वसूली में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित राजस्व अधिकारी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। 

राजस्व प्रकरणों का निराकरण गुणवत्तापूर्ण हो 

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाना चाहिए। निराकरण के साथ-साथ उसका जमीनी स्तर पर अमल भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। 

सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों को दें सर्वोच्च प्राथमिकता 

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने बैठक में सीएम हैल्पलाइन के प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम हैल्पलाइन के तहत दर्ज प्रकरणों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्राप्त शिकायतों का निराकरण तत्परता से संतोषप्रद होना चाहिए। सीएम हैल्पलाइन के तहत कोई भी शिकायत बिना अटेण्ड हुए अगले चरण पर नहीं जाना चाहिए। ऐसा पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।