GWALIOR के कारोबारी ने BHOPAL आकर फांसी लगा ली

Bhopal Samachar
ग्वालियर। व्यवसाय में घाटा होने के बाद कर्ज में डूबे व्यवसायी ने भोपाल के होटल में फांसी लगाकर जान दे दी है। व्यवसायी 22 जुलाई को अहमदाबाद जाने की कहकर घर से निकला था तभी से उसका कुछ पता नहीं था। आखरी बार छोटे भाई से 30 जुलाई को बात हुई थी। 14 अगरूत को उसने भोपाल मंगलवारा स्थित होटल सुपर लॉज में रूम लिया। शुक्रवार दोपहर तक जब वह रूम से बाहर नहीं आया और न ही कोई सर्विस ली तो होटल स्टाफ को संदेह हुआ। रूम चेक किया तो व्यवसायी फांसी पर लटका मिला है। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें मृतक ने व्यवसाय में घाटा होने और कर्ज से परेशान होने की बात का जिक्र किया है।

इंदरगंज क्षेत्र स्थित कमल सिंह का बाग नायक कोठी निवासी 31 वर्षीय हेमंत कुमार गुप्ता (मोदी) पुत्र ओमप्रकाश फाइनेंस गाड़ियों के नीलामी के बाद री सेल का व्यवसाय करते थे। परिवार में मां और एक छोटा भाई प्रिंस गुप्ता हैं। पिछले कुछ समय से काम ठीक नहीं चलने पर हेमंत काफी परेशान थे। परिवार के सदस्यों को भी उनकी परेशानी का अहसास था, लेकिन व्यवसायी ने कभी परिवार के सदस्यों से इसका जिक्र नहीं किया था। 

22 जुलाई को वह अहमदाबाद जाने की कहकर निकले थे, लेकिन इसके बाद घर ही नहीं लौटे। व्यापारी ने 14 अगस्त को भोपाल के मंगलवारा थानाक्षेत्र में सुबह होटल सुपर लॉज में पहुंचकर एक रूम लिया था। उसके बाद 15 अगस्त तक उसे देखा गया, लेकिन 16 अगस्त की सुबह जब वेटर रूम सर्विस के लिए गया तो गेट नॉक करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दोपहर में वेटर फिर पहुंचा। इस बार होटल प्रबंधन को संदेह हुआ। मास्टर की से गेट खोला तो हेमंत फांसी पर लटका मिला। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है। शनिवार को परिजन भोपाल पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया और शव परिजन के सुपुर्द कर दिया है। शनिवार रात 10 बजे शव को लेकर परिजन ग्वालियर पहुंचे हैं।

सुसाइड नोट में लिखा दर्द
व्यवसायी की जेब से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने व्यवसाय में घाटा होने और कर्ज से परेशान होने का जिक्र किया है। उसने लिखा है कि उसकी मौत के लिए किसी को दोषी नहीं माना जाए वह खुद यह कदम उठा रहा है।

30 जुलाई तक भाई से की बात
मृतक के हेमंत के छोटे भाई प्रिंस ने बताया कि 22 जुलाई को भाई के अहमदाबाद नकलने के बाद उसकी बात होती थी। 30 जुलाई को आखिरी बार बात हुई थी। उसके बाद उनका मोबाइल बंद आ रहा था। 1 अगस्त को इंदौर के होटल मधुर मिलन से कॉल आया था। उन्होंने भाई के कपड़े व बैग रखे होने की बात कहकर होटल का पैमेंट चुकाने पर ले जाने केलिए कहा था। भाई ने वहां चेक इन तो किया था, लेकिन चेक आउट किए बिना ही निकल गए। इसके बाद उनकी कोई सूचना नहीं थी।

एक महीने पहले बदला घर
व्यवसायी अपने परिवार के साथ पहले ललितपुर कॉलोनी में रहता था। पर एक महीने पहले ही उन्होंने इंदरगंज कमल सिंह का बाग स्थित नायक कोठी में घर किराए से लिया था। ऐसा भी माना जा रहा है हो सकता है कर्जदार परेशान कर रहे हों इसलिए घर बदला हो।
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