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थाने से चल रही है खाप पंचायत, ना FIR, ना कोर्ट, डायरेक्ट फैसला | MP NEWS

ग्वालियर। हस्तिनापुर थाने से खाप पंचायत का संचालन हो रहा है। 'खाप पंचायत' जहां आपराधिक मामलों का अपनी तरह से न्याय होता है। भारत की संसद द्वारा बनाए गए कानूनों का पालन नहीं किया जाता। थाने में कुछ ऐसा ही हो रहा है। थानेदार ने एक लूट के मामले में फैसला दिया है कि लुटेरे मंदिर में लूट की रकम रख देंगे, पीड़ित पक्ष उठा लेगा। ना एफआईआर, ना कोर्ट, डायरेक्ट फैसला, केस खत्म।

अमायन भिण्ड निवासी तेज सिंह पुत्र रसभान सिंह (Tej Singh's son Rasbhan Singh) पेशे से हलवाई है और दिल्ली में मिठाई का काम करता है। वह अपनी बहन से मिलने के लिए ग्राम इकहरा आ रहा था। अभी वह जखारा गांव के पास पहुंचा ही था कि अपाचे और स्प्लेंडर बाइक से आए तीन युवकों ने उसे रोका और मारपीट कर उससे 29 हजार रुपए छीन ले गए। वारदात के बाद शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज करने से पहले जांच भी की।

पीडि़त तेज सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को लुटेरे मिल गए लेकिन उन्हे हिरासत में नहीं लिया गया। थाने में दरोगा और दीवान ने बातचीत के बाद आश्वासन दिया है कि सुबह मारपीट और लूट करने वाले उनके पैसे वापस कर देगे। इस बीच पीड़ित के भांजे ने भी लुटेरों को ढूंढ निकाला। वो लुटेरों से बात करने गया तो बदमाशों ने भांजे के साथ मारपीट की और रायफल अड़ाकर वापस भगा दिया।

राजीनामा हो गया है, मामला दर्ज नहीं किया

थाना प्रभारी हस्तिनापुर धर्म सिंह कुशवाह ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही गांव के रहने वाले हैं और बाइक आगे-पीछे निकालने पर विवाद हुआ था। दोनों पक्ष थाने आए हैं और राजीनामा हो गया है। राजीनामा में तय हुआ है कि दूसरा पक्ष धर्म के आधार पर मंदिर पर पैसे रखेगा, जिसे पीडि़त पक्ष लेगा। अभी कोई मामला दर्ज नहीं है।