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शिक्षकों के तबादले: DPI ने कार्यमुक्ति हेतु GUIDELINE जारी की | MP TEACHERS TRANSFER

भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश ने स्कूल शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति 2019-20 के अन्तर्गत जारी स्थानांतरण आदेश के पालन में एम. शिक्षामित्र ऐप के माध्यम से जारी डिजिटल हस्ताक्षरित स्थानांतरण आदेश के तहत संबंधित लोक सेवकों को कार्य मुक्त किए जाने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। 

1. स्थानांतरित शिक्षकों की कार्य मुक्ति एजुकेशन पोर्टल के employee Relieving Order Management System (eROMS) के माध्यम से संबंधित संकुल प्राचार्य द्वारा किया जाना है। संकुल प्राचार्य की यह जिम्मेदारी होगी कि संबंधित आवेदक द्वारा अपने ऑनलाइन आवेदन में उल्लेखित किए गए दस्तावेजों का परीक्षण करे एवं परीक्षण उपरान्त सही पाये जाने पर भार मुक्त करने की कार्रवाई की जावे। यदि परीक्षण में कोई तथ्य त्रुटिपूर्ण प्रतीत होता है तो उक्त तथ्य को पोर्टल पर स्पष्ट रुप से अंकित करें, ताकि प्रकरण में वरिष्ठ स्तर से निर्णय लिया जा सकें।

1. कार्यमुक्त शिक्षकों की नवीन पादांकित संस्था पर कार्यभार ग्रहण की कार्यवाही एडुकेशन पोर्टल के employee Joining Management System के माध्यम से संबंधित संकुल प्राचार्य द्वारा किया जाना है। संकुल प्राचार्य की यह जिम्मेदारी होगी कि संबंधित आवेदक द्वारा अपने ऑनलाइन आवेदन में उल्लेखित किए गए दस्तावेजों का परीक्षण करे एवं परीक्षण उपरान्त सही पाये जाने पर शाला में उपस्थिती की रिपोर्टिग की जायेयदि परीक्षण में कोई तथ्य त्रुटिपूर्ण प्रतीत होता है तो उक्त तथ्य को पोर्टल पर स्पष्ट रुप से अंकित करें, ताकि प्रकरण में वरिष्ठ स्तर से निर्णय लिया जा सकें।

2. संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संकुल स्तर से कार्य मुक्त, कार्य भार ग्रहण एवं होल्ड किए गए प्रकरणों की प्रगति की प्रतिदिन ऑनलाइन मोनिटरिंग सुनिश्चित करेगें तथा यह देखेगें कि किसी लोक सेवक को आवश्यक रुप से भार मुक्त होने से रोका तो नही जा रहा है एवं ऐसे प्रकरणों में यदि वरिष्ठ कार्यालय के ध्यान में लाना आवश्यक हो तो वरिष्ठ कार्यालय के संज्ञान में लाते हये त्वरित कार्रवाई निश्चित करें।

3. स्थानांतरित संस्था में पद रिक्त नही होने की स्थिति में जिले में अन्य रिक्त पद वाली संस्था में संबंधित की सहमति के आधार पर संशोधित पदस्थापना पोर्टल के माध्यम से आदेश जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी दवारा सुनिश्चित की जाए। यदि संबंधित लोक सेवक जिले में उस संवर्ग के रिक्त पद पर संशोधित पदस्थापना हेतु सहमति नहीं देता है तो संबंधित के स्थानांतरण आदेश को निरस्त करने हेतु संचालनालय को प्रस्ताव तत्काल प्रेषित किया जाए। यहाँ पर यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि किसी स्कूल विशेष में एक से अधिक लोक सेवक संशोधित पदस्थापना चाहते है तो स्थानांतरण नीति में वर्णित प्राथमिकता क्रम में संशोधित पदस्थापना के आदेश पोर्टल के माध्यम से जारी किये जा सकेगें।

4. स्थानांतरण आदेश जारी होने के कारण यदि कोई शाला शिक्षक विहीन हो रही है तो उक्त शाला के शिक्षकों को, शाला में नियमित शिक्षकों/अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना होने तक भार मुक्त न किया जावे। साथ ही उक्त शाला के शिक्षक जिन जिलों/विदयालयों में स्थानांतरित किये गये है, वहां पर संबंधित के कार्य भार ग्रहण करने तक संबंधित का पद रिक्त रखना किया जावे, ताकि संबंधित भार मुक्त होकर अपनी स्थानांतरित संस्था में कार्य भार ग्रहण कर सकें।

5. जिले के उत्कृष्ट एवं मॉडल स्कूलों से किसी आवेदक का स्थानांतरण अन्य शालाओं होने की स्थिति में उन स्थानांतरित शिक्षकों को नवीन नियुक्ति/अतिथि शिक्षक की व्यवस्था होने तक भार मुक्त की कार्रवाई स्थगित रखी जाए।

6. प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्राथमिक शिक्षक /सहायक शिक्षकों के द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सैकेण्ड्री में स्वीकृत एवं रिक्त प्रयोगशाला शिक्षक के रिक्त पदों के विकल्प चुने जाने एवं इसी प्रकार हाईस्कूल एवं हायर सैकेण्ड्री में पदस्थ प्रयोगशाला शिक्षकों के द्वारा प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में भी स्थानांतरण हेतु विकल्प चुने गये थे, इस कारण उनके स्थानांतरण आदेश जनरेट हो गये है। ऐसे लोक सेवकों के स्थानांतरण आदेश स्वतः निरस्त माने जायेगें, क्योंकि संबंधितों के द्वारा टिपूर्ण ढंग से रिक्तियों का चयन किया गया है। यहाँ यह स्पष्ट किया जाता है कि नवीन भर्ती नियम, 2018 के सार सहायक अध्यापक (प्रयोगशाला) जो कि प्राथमिक शिक्षक के रुप में नियुक्त किये गये, प्रयोगशाला शिक्षक के रुप में ही पदस्थ/स्थानांतरित हो सकेगें।

7. ऐसे शिक्षक जो कि जनजातीय कार्य विभाग की शालाओं में पदस्थ है एवं उनका स्थानांतरण आदेश स्कूल शिक्षा विभाग की शालाओं में तकनीकी त्रुटि के कारण जारी हो गया हो तो उक्त आदेश स्वतः निरस्त माने जायेगें। उक्त शिक्षकों को कार्य भार ग्रहण नहीं कराया जावें। यहाँ स्पष्ट किया जाता है कि जनजातीय कार्य विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में अनापत्ति प्रमाण-पत्र के आधार पर ही प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापना के आदेश जारी किये जायेगें।

2/ स्थानांतरित लोक सेवकों को भारमुक्त एवं कार्यभार ग्रहण करने की कार्रवाई एज्यूकेशन पोर्टल के माध्यम से ही की जायेगी, अतः इस संबंध में निर्देशों को स्पष्ट करने के लिए विभागीय वीडियो कान्फ्रेसिंग दिनांक 14.08.2019 को सायं 04:00 बजे आयोजित की जायेगी, जिसमें समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं समस्त संकुल प्राचार्य अनिवार्य रुप से सम्मिलित होना सुनिश्चित करें, ताकि भार मुक्ति की कार्रवाई के संबंध में आवश्यक निर्देश एवं प्रशिक्षण संबंधितों को दिया जा सकें। वीडियों कान्फ्रेसिंग होने तक किसी भी स्थानांतरित शिक्षक को कार्य मक्त नही किया जावें।
(जयश्री कियावत) आयुक्त लोक शिक्षण, मध्यप्रदेश
पृष्ठा क्र./एनसी/ए/74/स्थानां./2019/357 भोपाल, दिनांक 13.08. 2019