BHOPAL-BIAORA फोरलेन हाईवे: 11 जगह पर काम रुका

Bhopal Samachar
भोपाल। ब्यावरा-भोपाल फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य भू-अर्जन प्रक्रिया में बरती जा रही लापरवाही की वजह से अटक गया है। ब्यावरा के भोपाल बाइपास से लेकर मोतीपुरा के बीच 97 किमी में से अलग-अलग हिस्साें में सिर्फ 4320 मीटर जमीन उपलब्ध नहीं होने से 11 जगह पर काम रुका हुआ है। इससे वाहन चालक परेशान हाे रहे हैं। 

वहीं निर्माण कंपनी के अधिकारी भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी कराने ब्यावरा व नरसिंहगढ़ एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद भी प्रशासन भू-अर्जन की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं कर सका है। काम की डेडलाइन जनवरी 2019 है लेकिन हाईवे का निर्माण कार्य बीच-बीच में 11 स्थानों पर 100 से लेकर 300 मीटर तक के अलग- अलग हिस्सों में 3 माह से बंद है। 

वर्ष 2013 में इस फोरलेन हाईवे के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया के दौरान कुछ जगह पर किसानों के नाम छूटने से ऐसी स्थिति बनी है। यही वजह है कि समय पर काम पूरा कराने को लेकर अब ठेका कंपनी व एनएचएआई के अधिकारियों की उलझनें बढ़ गई है। 

निर्माण कार्य रुकने से लोगों को हो रहे ये नुकसान 

1. सबसे बड़ा खामियाजा इस रोड पर ब्यावरा से भोपाल के बीच सफर कर रहे लोगों को उठाना पड़ रहा है। जगह-जगह उखड़ी और कटी सड़क पर सफर मुश्किल हाे रहा है। 
2. आधी-अधूरे और डायवर्ट रूट से वाहन निकालने में दुर्घटनाओं की आशंकाएं बढ़ गई हैं। अाए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हाेने के साथ लाेग घायल हाे रहे हैं। 
3. पिछले करीब छह माह में ब्यावरा से भोपाल के बीच ही करीब 150 हादसे हुए हैं जिनमें से करीब 22 से 25 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 

70 फीसदी काम हाे चुका है 

दिल्ली की कंपनी सीडीएस (सेंट्रोडॉर स्ट्रोय प्राइवेट लिमिडेट) द्वारा ईपीसी (इंजीनिरिंग प्रिक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन) में 511 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत से हाईवे बनाया जा रहा है। मोतीपुरा से ब्यावरा के बीच 97.325 किमी लंबे फोरलेन पर पिछले 11 माह में कंपनी करीब 70 फीसदी निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है। शेष काम जमीन नहीं मिलने से रुका हुआ है। 

19 जनवरी 2020 को खत्म होगी समय सीमा

एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) से तय टेंडर शर्ताें के अनुसार सीडीएस को 24 माह में पूरी सड़क का निर्माण कार्य पूरा करके देना है। सीडीएस कंपनी ने 19 जनवरी 2018 को इस फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य आरंभ किया था। टेंडर शर्तों के तहत कंपनी को अगले 5 माह यानी 19 जनवरी 2019 तक निर्माण कार्य पूरा करके देना है। इधर भू-अर्जन प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं होने से ब्यावरा से मुबारकपुर के बीच 11 स्थानों पर पिछले 3 माह से निर्माण कार्य रुका है। ऐसे में यदि ठेका कंपनी तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा नहीं कर सकी है तो एनएचएआई को मोटी रकम पैनल्टी के रूप में देकर निर्माण कंपनी काे अतिरिक्त मोहलत भी देना पड़ेगी। 

2013 में राजस्व विभाग की चूक का नतीजा

ब्यावरा से भोपाल फोरलेन हाईवे के लिए एनएचएआई ने वर्ष 2013 में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ की थी। इसके लिए विधिवत अवार्ड पारित कराकर पूरी सड़क चौड़ीकरण के लिए मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहण कराई थी। इस दाैरान ब्यावरा व नरसिंहगढ़ अनुभाग में राजस्व विभाग से कुछ जमीन भू- अर्जन प्रक्रिया से छूट गई थी। जब सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो ये मामला खुलकर सामने आया। इसके बाद आनन फानन में काम रुकवाकर ब्यावरा व नरसिंहगढ़ एसडीएम द्वारा दोनों के सीमा क्षेत्र में जहां- जहां जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई रह गई थी उसे पूरा कराया जा रहा है। 
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
Facebook पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!