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इन 8 कैटेगरी में आएंगी सबसे ज्यादा नौकरियां, तैयारियां कर लें

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की रिपोर्ट ‘द फ्यूचर ऑफ जॉब्स’ के मुताबिक, अगले चार साल में दुनिया भर में जॉब मार्केट बहुत तेजी से बदलने वाला है। उसके अनुसार कई ऐसी नौकरियों की डिमांड बढ़ेगी, जो कि अभी लो डिमांड में है। फोरम ने ऐसी 8 नौकरियां बताई है, जिनकी डिमांड 2020 तक पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा होगी। ऐसे में आप अच्छी नौकरी के साथ मोटी सैलरी भी ले सकते हैं

डाटा एनालिस्ट्स

डब्ल्यूईएफ की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 तक डाटा एनालिस्‍ट प्रोफेशनल की मांग तेजी से बढ़ेगी। सर्वे में शामिल कंपनियों का कहना है कि डाटा का सही तरीके से इस्‍तेमाल बताने के लिए डाटा एनालिस्‍ट्स की जरूरत होगी। अगर, आप अभी से करियर में डाटा एनालिस्‍ट् का कोर्स चुनते हैं तो 2020 में आपको अच्‍छी जॉब मिलने का चांस बढ़ जाएगा। डाटा एनालिस्‍ट की डिमांड होने से कंपनियां सैलरी भी अच्छी ऑफर करेगी।

सॉफ्टवेयर डेवलपर और मैथेमेटिशियन

रिपोर्ट के अमुसार, इन्फॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी के बढ़ते आयाम के चलते 2020 तक एक बार फिर से सॉफ्टवेयर डेवलपर और मैथेमेटिकल जॉब्स से जुड़े लोगों की मांग बढ़ेगी। इसके चलते कम्प्यूटर प्रोग्रामर (सॉफ्टवेयर डेवलपर) और इन्फॉर्मेशन सिक्युरिटी एनालिस्ट्स (मैथेमेटिशियन) प्रोफेशनल की मांग बढ़ेगी और इस सेक्‍टर के विशेषज्ञों के लिए नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।

आर्किटेक्ट्स और इंजीनियर

मौजूदा समय में भी आर्किटेक्ट्स और इंजीनियरिंग प्रोफेशनल की मांग बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह ट्रेंड अगले चार साल तक बना रहेगा। आर्किटेक्ट्स और इंजीनियरिंग प्रोफेशनल के लिए जॉब की कोई कमी नहीं होगी। 2020 तक इन दोनों प्रकार के जॉब की मांग बढ़ेगी। रिपोर्ट के अनुसार, 2020 तक 20 लाख नए जॉब्स आर्किटेक्ट्स, इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर और मैथेमेटिशियन के लिए क्रिएट होंगे।

स्पेशियलाइज्ड सेल्स पर्सन

टेक्‍नोलॉजी अपग्रेडेशन से आने वाले समय में जॉब मार्केट सबसे अधिक प्रभावित होगा। इसके बावजूद स्पेशियलाइज्ड सेल्‍स पर्सन की डिमांड बढ़ेगी। जो कंपनी के प्रोड्क्ट्स के विषय में नए कस्‍टमर, क्लाइंट और सरकार के ऑर्गनाइजेशन को अच्‍छे तरीके से समझा सके। उदाहरण के लिए इंटरनेट यूज सबसे अधिक मोबाइल से हो रहा है। ऐसे में एक डिजिटल मीडिया कंपनी वैसे सेल्‍स पर्सन को हायर करेगी जिसके पास इंटरनेट प्रोड्क्ट या ऑनलाइन सेल्‍स एडवरटाइजिंग का स्किल होगा।

सीनियर मैनेजर

बदलते दौर के साथ सभी इंडस्‍ट्री में काम करने का तरीका बदल रहा है। इस बदलाव को सही दिशा देने के लिए स्किल्ड सीनियर मैनेजर की जरूरत होगी। रिपोर्ट के अनुसार मीडिया, एंटरटेनमेंट और इन्फॉर्मेशन सेक्टर्स में वैसे सीनियर मैनेजर की डिमांड बढ़ेगी जो कंपनी को नए ट्रेंड ढालने में सक्षम होगा।

प्रोड्क्ट डिजाइनर

डब्ल्यूईएफ की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में सबसे अधिक डिमांड क्रिएटिव पर्सन की होगी। इसकी वजह यह होगी कि ज्‍यादातर मोनोटोनस जॉब का काम ऑटोमेटेड तरीके से होने लगेगा। लेकिन क्रिएटिव जॉब के लिए क्रिएटिव लोगों की जरूरत बनी रहेगी। सर्वे में शामिल कंपनियों का कहना है कि क्रिएटिव लोगों में सबसे अधिक कमर्शियल और इंडस्ट्रियल डिजाइनर की मांग होगी। ऐसे प्रोफेशनल जो कार, अप्लाएंस, गैजेट और मैन्युफैक्चरिंग गुड्स का डिजाइन करने में दक्ष होंगे, उनके लिए जॉब की कोई कमी नहीं होगी।

ह्यूमन रिसोर्सेज स्पेशियलिस्ट्स

आने वाले कुछ साल में मार्केट से कई तरह के जॉब बिल्कुल खत्‍म हो जाएंगे और नए टाइप के जॉब आएंगे। इससे जहां एक ओर कंपनियों को नए टाइप के जॉब के लिए स्किल्ड पर्सन की जरूरत हो रही है। वहीं, पहले से काम कर रहे इम्‍प्लॉई को ट्रेंड करने की स्किल्‍ड प्रोफेशनल की जरूरत बढ़ रही है। डब्ल्यूईएफ के सर्वे में शामिल 65 फीसदी कंपनियों के एग्जीक्यूटिव का कहना है कि वे अपने पुराने इम्‍प्लॉई को ट्रेंड करने पर इन्‍वेस्‍ट करेंगे। इससे आने वाले साल में ह्यूमन रिसोर्सेज स्पेशियलिस्ट्स और डेवलपमेंट प्रोफेशनल की मांग बढ़ेगी। ह्यूमन रिसोर्सेज स्पेशियलिस्ट्स का काम सिर्फ नए इम्‍प्‍लॉई हायर करना ही नहीं होगा बल्कि इम्‍प्‍लॉई को स्किल डेवलप करने में मदद करना भी होगा।

रेग्युलेटरी एक्‍सपर्ट्स

कंपनियां टेक्‍नोलॉजी का यूज कर अपने को तेजी से अपग्रेड कर रही है। ऐसे में कंपनियां वैसे प्रोफेशनल को हायर करेंगी जो लीगल मुद्दों को समझता हो। उदाहरण के लिए ऑटो कंपनियां और टेक कंपनियां बिना ड्राइवर के कार बना रही है। ऐसे में वे ऐसे लोगों को हायर करेंगी जिसके पास इससे जुड़े कानून की समझ हो। साथ में वह सरकार के रेग्युलेटरी के साथ मिलकर काम करें और टेक्‍नोलॉजी का सबसे बेहतर इस्‍तेमाल करने में मदद करें।