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रामेश्वर गुर्जर: नंगे पैर 11 सेकेंड में 100 मी दौड़ा था, जूते मिले तो 12.90 सेकेंड लगा दिए

भोपाल। 100 मीटर की दौड़ केवल 11 सेकेंड में नंगे पैर पूरी करने का वीडियो वायरल होने के बाद रातों-रात सुर्खियों में आए शिवपुरी के 'मिल्खा सिंह' एथलीट रामेश्वर गुर्जर को जब भोपाल में जूते पहनकर दौड़ने का मौका मिला तो उसने 12.90 सेकेंड का वक्त खर्च कर डाला। रेस में कुल 7 एथलीट दौड़े थे। रामेश्वर गुर्जर सबसे लास्ट 7वें नंबर पर आया। पहले नंबर पर आयुष तिवारी 109 सेकेंड के साथ दर्ज हुआ हे। 

ट्रायल में फेल हुआ, फिर भी एक महीने की ट्रेनिंग मिलेगी

रामेश्वर का ट्रायल देखने के लिए प्रदेश के खेल मंत्री जीतू पटवारी खुद मौजूद रहे। ट्रायल के बाद उन्होंने कहा कि, "रामेश्वर पहली बार इस तरह के माहौल में दौड़ा है। भले ही वो ट्रायल में आखिरी स्थान पर रहा हो, लेकिन हम उसे मध्य प्रदेश एथलेटिक्स एकेडमी में अगले एक महीने तक ट्रेनिंग देंगे। इसके बाद दोबारा उसका ट्रायल लिया जाएगा।"

​फेल होने के बाद बोला पीठ में दर्द था


ट्रायल में आखिरी आने पर रामेश्वर भी मायूस हुए। उन्होंने बताया कि, "रविवार से ही मेरी पीठ में दर्द था। फिर भी कोशिश की। पहला मौका था, आगे इसमें सुधार की कोशिश करूंगा।" बता दें कि रविवार को स्पोर्ट्स मेडिकल सांइस सेंटर में रामेश्वर को फिटनेस से संबंधी कुल 16 टेस्ट से गुजरना पड़ा था। इसमें सभी में रिपोर्ट रामेश्वर के पक्ष में गई है। उसका कुल वजन 48 किलो निकला जो इस उम्र के धावक के लिए कम है।

खेलमंत्री बोले, जिस जूते में सहज हो वह पहनना

वहीं खेलमंत्री जीतू पटवारी ने भी स्पोर्ट्स साइंस सेंटर में रामेश्वर से मुलाकात कर उसका हौसला बढ़ाया था। उन्होंने रामेश्वर का हौसला बढ़ाते हुए कहा था कि, ये सिर्फ ट्रायल है, इसके नतीजे कुछ भी हो, इससे तुम्हारी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हम तुम्हारी प्रतिभा को निखारने में कोई कमी बाकी नहीं रहने देंगे। उन्होंने रामेश्वर से जूते तक के बारे मे जानकारी ली। उन्होंने कहा कि, जिसमें तुम सहज हो उस ही जूते में दौड़ना, अभी ट्रायल के लिए समय चाहिए तो बाद में भी ट्रायल हो सकते है। मगर रामेश्वर ने कहा था कि मैं कल ही दौड़ना चाहता हूं।