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मप्र में मानसून: देर आए लेकिन दुरुस्त आए, मौसम सुहावना हुआ, संडे की प्लानिंग शुरू | MP WEATHER REPORT

भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून देर से आया लेकिन दुरुस्त आया। लगभग पूरे प्रदेश के आसमान पर ना केवल बादल छाए बल्कि बरस भी चुके हैं। कहीं ज्यादा कहीं कम लेकिन बरखा रानी का प्यार बरस रहा है। जमीन ठंडी हो गई है। हवाओं मेें भी नमी बह रही है। कुल मिलाकर मौसम सुहावना हो गया है और सबसे बड़ी बात यह कि कमिंग संडे के लिए लोगों ने प्लानिंग शुरू कर दी है। तेज बारिश हुई तो क्या करेंगे और यदि बारिश नहीं हुई तो कहां जाएंगे। 

कहां-कहां शुरू हुईं पकौड़ा पार्टी

दमोह में 184.0 मिली मीटर, मंडला में 60.0, नरसिंहपुर में 29.0, सागर में 87.1, टीकमगढ़ में 54.0, उमरिया में 56.4 और बैतूल में 51.6 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। इन सभी जगहों पर गर्मी बंद और सर्दी शुरू हो गईं हैं। बरसात की फेवरेट चाट बाजार में सज गई है। घरों में चाय पकाड़ा पार्टी शुरू हो गईं हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि, राज्य के अधिकांश हिस्सों में आगामी 24 घंटों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। राज्य में मानसूनी बारिश का दौर जारी है।

रात में कूलर बंद, पंखा ही काफी है

गुरुवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री, इंदौर का 22.4, ग्वालियर का 21.5 और जबलपुर का न्यूनतम तापमान 24.9 सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बुधवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 26.4 डिग्री, ग्वालियर का 35 डिग्री और जबलपुर का अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री दर्ज किया गया। 

तानमान क्यों कम हुआ, यहां समझिए

माैसम वैज्ञानिकों ने बताया कि हवा का रुख दक्षिण पश्चिमी है। लगातार हाे रही बारिश के कारण नमी बनी हुई है। इस वजह से तापमान लुढ़का। अब आने वाले दिनों भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। 

गर्मी से तप रहे ग्वालियर चंबल में भी मानसून पहुंच गया

बुधवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून के दस्तक देने की घोषणा कर दी । संभाग में मुरैना व श्योपुर जिले को छोड़कर पूरे अंचल में मानसून की अधिकृत तौर पर आमद हो गई है। हालांकि अंचल में यह आमद 12 दिन लेट हुई है। शहर में मानसून अधिकृत तौर पर 20 से 22 जून के बीच दस्तक देता है लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने में हुई देरी के कारण मानसून देरी से आया।