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मप्र में अघोषित कटौती के पीछे बिजली घोटाला है: विधायक सारंग | MP NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश की नरेला विधानसभा से भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने कमलनाथ सरकार पर बिजली घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मप्र में मांग से दोगुना बिजली उत्पादन हो रहा है, बावजूद इसके कटौती लगातार जारी है। सारंग ने कहा कि अघोषित कटौती के पीछे, संविदा कर्मचारी, बंदर, बिल्ली, कुत्ते या जादू टोना नहीं बल्कि बिजली घोटाला है। इस मामले की जांच कराई जानी चाहिए। 

ये रहा बिजली कंपनी का बहीखाता

नरेला विधायक विश्वास सारंग के एक प्रश्न के लिखित जबाव में उर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने बताया कि 01 जनवरी 2019 से 31 मई 2019 तक प्रदेश में ऊर्जा विभाग अंतर्गत एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड अनुबंधित क्षमता जनवरी-फरवरी 2019 में 19965.59 मेगवाट तथा मार्च, अप्रैल व मई 19 में 20625.59 मेगावाट उपलब्ध है। श्री सारंग के सवाल पर कि जनवरी से मई 19 तक कितनी बिजली केन्द्रीय विद्युत गृह और निजी कंपनियों से जनवरी में 4150.60 मिलियन यूनिट, फरवरी में 3837.66 मिलियन यूनिट. मार्च में 4475.90 मिलियन यूनिट, अप्रैल में 4105.83 मिलियन यूनिट तथा मई 19 में 4731.23 मिलियन यूनिट खरीदी गयी। 

उर्जा मंत्री ने कहा कि कहीं भी अघोषित कटौती नहीं हो रही है

उर्जा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बिजली की मांग जनवरी में 14089 मेगावाट, फरवरी में 13075 मेगावाट, मार्च में 12018 मेगावाट, अप्रैल में 9738 मेगावाट और मई 19 में 9880 मेगावाट थी। श्री सारंग के इस सवाल पर कि प्रदेश में हो रही अघोषित विद्युत कटौती का कारण क्या है? के जबाव में उर्जा मंजी ने बताया कि 01 जनवरी 2019 से 31 मई 2019 तक की अवधि में प्रदेश में प्राकृतिक आपदा एवं तकनीकी कारणों से विद्युत प्रदाय बाधित होने जैसी अपरिहार्य स्थितियों को छोड़कर विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा किसी भी प्रकार की अघोषित विद्युत कटौती नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त अतिआवश्यक मेन्टेनेंस कार्य भी उपभोक्ताओं को पूर्व में सूचित कर पूर्व निर्धारित अवधि हेतु शटडाउन लेकर किये गये हैं। अत: प्रदेश में कहीं भी अघोषित विद्युत कटौती किये जाने जैसी स्थिति नहीं है।

अचानक बिजली बिलों में मनमानी बढ़ोत्तरी क्यों हुई, घोटाला है

बाद में प्रेस से चर्चा करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है कि प्रदेश में बिजली की मांग से दो गुना ज्यादा उत्पादन हो रहा है और बिजली भी खरीदी जा रही है फिर भी शटडाउन हुये और लगातार अघोषित कटौती हो रही है। श्री सारंग ने कहा कि अगर किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच करायी जाये तो जनवरी से मई 19 तक हुई अघोषित कटौती के पीछे विद्युत घोटाला निकलेगा जो वर्तमान सरकार द्वारा किया गया है। श्री सारंग ने कहा कि उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मिल नहीं रही है लेकिन बिजली के बिल भारी भरकम आ रहे हैं। प्रदेश में उपभोक्ताओं को खुले आम लूटा जा रहा है।