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लोगों ने तालाब पर कब्जा कर लिया, विधायक ने पूछा पट्टा कब दोगे | JABALPUR NEWS

भोपाल। वोट की राजनीति नेताओं से क्या कुछ नहीं करवा लेती। जबलपुर की कैंट विधानसभा में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। कुछ लोगों ने तालाब पर कब्जा कर बस्ती बसा ली। विधायक अशोक रोहाणी चाहते हैं कि सरकार उन्हे पट्टा भी दे। रोहाणी ने विधानसभा में प्रश्न लगाकर पूछा कि सरकार उन्हे कब तक पट्टा वितरण कर देगी। बताने की जरूरत नहीं कि नदिया, पेड़ और तालाब अब इंसान के लिए कितना ज्यादा जरूरी हो गए हैं। 

विधायक अशोक रोहाणी ने इस संबंध में प्रश्न लगाया था। विधायक ने पूछा कि गोकलपुर वार्ड के तहत आने वाले क्षेत्र आजाद नगर, गंदी बस्ती, उदय नगर, चौधरी मोहल्ला, न्यू गोकलपुर तथा आंबेडकर वार्ड के तहत रामनगर, शारदा नगर, शांतिनगर एवं रानी आवंतीबाई वार्ड अंतर्गत गुरैयाघाट, तिलहरी, बिलहरी, छिलवा, भटौली, दुर्गा नगर में स्थाई 30-40 साल से लोग निवास कर रहे हैं। जिन्हें स्थाई पट्टा कब वितरित किया जाएगा। 

राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि जबलपुर की कैंट विधानसभा के रानी आवंतीबाई वार्ड में कटियाघाट में पात्र 152 परिवारों को पट्टा बांटा गया। इसके अलावा गोकलपुर, आंबेडकर वार्ड में रहने वाले परिवारों को पट्टा जारी नहीं किया गया। इसकी वजह राजस्व भू अभिलेख में उक्त जमीन गन कैरिज फैक्टरी और तालाब के रूप में दर्ज है। मंत्री ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को पट्टा बांटा जा चुका है इसलिए कोई कार्रवाई लंबित नहीं है।

नियम क्या है
बता दें कि एनजीटी यानी राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अधिनियम के तहत प्राकृतिक जल संरचनाएं जैसे नदी, तालाब, मौसमी नाले इत्यादि चाहे किसी भी स्थिति में क्यों ना हों, छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। सरकार को कितनी भी जरूरत क्यों ना हो, उनका अधिगृहण नहीं किया जा सकता। 2019 में मौसम का जो हाल हो रहा है, उसका सिर्फ एक ही कारण है, प्राकृतिक जल संरचनाओं को नष्ट करना एवं आबादी की तुलना में पेड़ों की संख्या का अत्यंत कम हो जाना। कितना बेहतर होता यदि श्री रोहाणी उनके विस्थापन की कोशिश करते।