INDORE के बाहूबली नेता की शिकायत कर रहे दंपत्ति को पुलिस ने पीटा

इंदौर। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला का भाई एवं भाजपा नेता कमल शुक्ला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 2 रोज पहले एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर ने शिकायत की थी कि कमल शुक्ला ने उस पर केवल इसलिए फायरिंग की, क्योंकि वो नेताजी को जानता नहीं था। आज एक दंपत्ति की शिकायत सामने आई है। दंपत्ति को कमल शुक्ल की बस ने टक्कर मार दी थी। दंपत्ति शिकायत करने गए तो पुलिस वालों ने दंपत्ति के साथ ही मारपीट कर डाली।

भीड़ ने दंपत्ति का साथ दिया तो पुलिसवाले खिसक गए

बताया जा रहा है कि साेमवार रात पोलोग्राउंड राेड पर दंपती की बाइक काे शुक्ला ब्रदर्स की यात्री बस ने टक्कर मार दी। पति-पत्नी गिर पड़े। उन्हाेंने वहीं चेकिंग कर रहे सदर बाजार थाने के जवानों से बस राेकने के लिए मदद मांगी ताे भाजपा नेता का नाम लिखा देख बस नहीं राेकी।दंपती ने इसका विरोध किया ताे पुलिसवालों ने दाेनाें काे सड़क पर ही पीट दिया। राहगीरों ने दंपती की पिटाई देख पुलिस के खिलाफ मोर्चा खाेला तो जवान चेकिंग छाेड़ भाग निकले।

एएसआई यादव और हेड कांस्टेबल भदौरिया सस्पेंड

आधे घंटे बाद सदर बाजार टीआई अजय वर्मा माैके पर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर एसपी ने एएसआई यादव और हेड कांस्टेबल भदौरिया को सस्पेंड कर दिया। सीएसपी शेष नारायाण तिवारी ने कहा कि घटना के बाद से महिला कांस्टेबल और अन्य जवान फरार हैं। जांच के बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पति इंजीनियर, पत्नी अकाउंटेंट है

बकौल सुदीप बंसल- मैं सोया कंपनी में इंजीनियर हूं और पत्नी शोभा अकाउंटेंट हैं। हम दोनों अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। पोलोग्राउंड के पास पहुंचे तभी भाजपा नेता गोलू शुक्ला की बस ने बाइक काे टक्कर मार दी। हम दोनों गिर पड़े। जैसे-तैसे संभले और बस के पीछे लगे, ताकि उसकी शिकायत करें। थोड़ी दूर पर ही पुलिस का चेकिंग पाइंट लगा था। हमने वहां मौजूद एएसआई सुरेश यादव से कहा कि इस बस को रोको, इसने हमें टक्कर मारी है।

एएसआई ने संजय शुक्ला की बस को रुकने के बजाए जाने का इशारा किया

एएसआई ने भाजपा नेता की बस देख उसे राेकने की बजाय इशारा करते हुए जाने दिया। पुलिस का यह रवैया देख मैंने एएसआई से कहा कि बस रौबदार आदमी की है इसलिए आपने नहीं रोकी। क्या आप आम आदमी की जगह नेता की नौकरी कर रहे हो।

पति को पीटा, पत्नी ने रोका तो उसे भी पीटा

मैं बस का नंबर नोट करने लगा तो एएसआई और हेड कांस्टेबल सुरेश भदौरिया मुझ पर टूट पड़े। उनके साथ जवानों ने मुझे मारना शुरू कर दिया। पत्नी बीच-बचाव करने लगी ताे वहां मौजूद महिला कांस्टेबल व अन्य चार जवानों ने उसे भी पीट दिया। हमारी चीखें सुन लाेग इकट्ठा हाे गए। उन्हाेंने पुलिसकर्मियों का विरोध किया। मेरी पत्नी सड़क पर बैठ गई। लाेगाें ने भी चक्काजाम कर दिया। लोगों का आक्रोश देख पुलिस वाले भाग गए।