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BU: हॉस्टलस की हालत खस्ता, 2 साल से नहीं हो रहा है मेंटेनेंस | BHOPAL NEWS

भोपाल। बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (Barkatullah University) में नए सत्र शुरू हो चुका है। इस सत्र में एडमिशन लेने वाले छात्रों का भी आना शुरू हो गया है। लेकिन, हाॅस्टल की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इसके कारण पहले से रह छात्र भी परेशान हैं। सबसे अधिक परेशानी ब्वॉयज हॉस्टल में हैं। छात्र जब तक विरोध दर्ज नहीं कराते तब तक अधिकारी इनमें सुधार कराने में रुचि नहीं लेते। हालात यह हैं कि जवाहर हॉस्टल के किचन में काम करना खतरनाक होता जा रहा है। 

छात्रों का कहना है कि यह कभी भी जानलेवा बन सकता है। क्योंकि, खाना पकाते समय एलपीजी पाइप लाइन से गैस रिसती रहती है। जवाहर हॉस्टल (Jawahar Hostel) में 180 सीट हैं। मुंशी प्रेमचंद्र हाॅस्टल (Munshi Premchandra Hostel) में इसमें 100 सीट हैं। इसका भवन क्षतिग्रस्त हाेने लगा है। बाथरूम खराब हैं। सीवेज की समस्या है। संजय गांधी हॉस्टल (Sanjay Gandhi Hostel) में इसमें 100 सीट हैं। हाल ही में बिजली के बोर्ड में शार्ट सर्किट होने से ब्लास्ट हो गया था। मेस की दिक्कत खत्म नहीं हो रही है। भवन में भी मेंटनेंस लंबे समय से नहीं हुआ है। आरओ भी खराब हुआ है। 

जवाहर हॉस्टल... गैस रिसने के कारण वर्कर भी डर-डरकर किचन में काम करते हैं। जल्द ही मेंटेनेंस नहीं हुआ तो हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है। बिजली लाइनों के साथ सीवर लाइन, सेप्टिक टैंक खराब है। गंदगी के कारण कमरों में रहना भी मुश्किल है। 

संजय गांधी हॉस्टल से नहीं लिया सबक : बीते दिनों में संजय गांधी हॉस्टल में बिजली के मीटर में आग लगी थी। इसके कारण यहां पर बड़ी घटना होते रह गई। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से गंभीरता नहीं बरती जा रही है। जवाहर के अलावा 100-100 सीट वाले मुंशी प्रेमचंद्र हॉस्टल में भी छात्र इन अव्यवस्थाओं के कारण परेशान हो रहे हैं।

कुलपति प्रो. आरजे राव के पास विरोध दर्ज कराने पहुंचे जवाहर हॉस्टल के छात्रों ने आरोप लगाया कि अव्यवस्थाओं पर्दा डालने के लिए प्रशासन फर्स्ट ईयर के छात्रों को एडमिशन देने में ना-नुकुर कर रहा है। छात्रों का कहना है कि वे को-आपरेटिव मेस चलाते हैं। यदि नए छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जाएगा तो मेस चलाना मुश्किल हो जाएगा।

फर्नीचर भी टूट-फूट गया है। दरवाजे, खिड़की खराब हो चुके हैं। इलेक्ट्रिसिटी वर्क की स्थिति खराब है। यहां सीवर लाइन, सेप्टिक टैंक खराब है। गंदगी के कारण छात्रों कमरों में रहना भी मुश्किल है। कई बार कहने के बाद भी सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है। हॉस्टल में जहां-तहां कबाड़ भरा पड़ा हुआ है। 

हॉस्टल के छात्र मेरे पास आए थे। उनकी समस्याएं सुनी ली हैं। जल्द ही हॉस्टल्स में रिनोवेशन का कार्य शुरू कराया जाएगा। हालांकि व्यवस्थाओं को ठीक होने में थोड़ा वक्त लग सकता है। - प्रो. आरजे राव, कुलपति, बीयू