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महिला अत्याचार में भोपाल नंबर 1, उज्जैन नंबर 2 और ग्वालियर नंबर 3 | MP NEWS

भोपाल। भोपाल जिलांतर्गत थानों में 1 जनवरी 2019 से 14 जून 2019 तक बलात्कार की 182, छेड़छाड़ की 299, महिला उत्पीड़न की 361, लूटपाट की 54, चोरी की 418 व गुंडागर्दी की 104 घटनाएं हुई हैं। यह जानकारी गृहमंत्री श्री बाला बच्चन ने पूर्व सहकारिता मंत्री व विधायक विश्वास सारंग के प्रश्न के जबाव में परिषिष्ट के माध्यम से दी है।

श्री सारंग को गृहमंत्री ने बताया कि भोपाल में बलात्कार की 182 घटनाएं हुई हैं उनमें से 90 घटनाओं का चालान प्रस्तुत कर दिया है, 2 प्रकरण पर खात्मा लगा दिया है, 94 मामले अभी तक पुलिस के पास पेंडिंग हैं। इसी प्रकार छेड़छाड़ के 299 मामलों में 202 का चालान प्रस्तुत कर दिया है और 115 मामलें पेंडिंग हैं। लूटपाट के 54 मामलों में से 25 के चालान प्रस्तुत हो गये हैं, 32 मामले पेंडिंग हैं। चोरी के 418 मामलों में से 89 मामलों का चालान प्रस्तुत हो गया है 272 पेंडिंग हैं। इसी प्रकार गुंडागर्दी के 104 मामलों में से 63 मामलों का चालान प्रस्तुत हो गया है 41 मामलें पुलिस के पास पेंडिंग हैं।

बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री सारंग ने कहा कि भोपाल शहर भले ही स्वच्छता में नंबर नहीं बन पाया हो लेकिन महिलाओं पर अत्याचार और चोरी के मामलों में कमलनाथ की सरकार ने 6 माह में ही नंबर बना दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 6 माह के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं पर अत्याचार और चोरी के मामले में भोपाल नंबर एक और उज्जैन जिला नंबर दो पर तथा ग्वालियर जिला नंबर तीन पर है।

श्री सारंग ने कहा कि प्रदेष में एक ओर बालिकाओं के अपहरण और दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही हैं तो दूसरी और मध्यप्रदेश पुलिस के मुखिया गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं तथा बालिकाओं की बढ़ती घटनाओं के पीछे लड़कियों को जरूरत से ज्यादा आजादी देने का कारण बता रहे हैं। प्रदेश में बढ़ते अपराधों का ग्राफ बताता है कि कमलनाथ सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। प्रदेष में अपराध बढ़ रहे हैं और राज्य सरकार ट्रांसफर उद्योग में व्यस्त है।

लाखों किसानों का कर्ज आज दिनांक तक नहीं हुआ माफ

नरेला विधायक विश्वास सारंग के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में किसान कल्याण मंत्री श्री सचिन सुभाषचन्द्र यादव ने परिषिष्ट के माध्यम से बताया कि भोपाल जिले के 44,519 राजगढ़ जिले के 1,09,660 रायसेन जिले के 81,241 विदिशा जिले के 1,48,923 व सीहोर जिले के 1,46,448 किसानों के कर्ज माफ अभी तक नहीं हुए हैं। 

बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री सारंग ने कहा कि 10 दिन में कर्जे माफ करने की बात करने वाली कमलनाथ सरकार ने 6 माह के बाद भी किसानों के कर्ज माफ नहीं किये हैं। उन्होंने कहा कि यह किसानों के साथ धोखा है।