महिला शिक्षक प्रशिक्षण के दौरान लू लगने से बेहोश हुई | MP EMPLOYEE NEWS

सागर। 47-48 डिग्री तापमान के बीच स्कूल शिक्षा विभाग (SCHOOL EDUCATION DEPARTMENT) के आदेश पर प्रदेशभर में चल रहे शाला सिद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रमों (SHAALA SIDDHI PRASHIKSHAN KARYAKRAM) में शिक्षकों को अनिवार्य उपस्थित तो कराया जा रहा है परंतु उन्हे मौसम की मार से बचाने के प्रबंध नहीं हैं। यही कारण है कि प्रदेश भर में शिक्षक तापघात का शिकार हो रहे हैं। 

सतना, भोपाल के बाद आज डाइट सागर में प्रशिक्षण ले रही बीना नौगांव में कार्यरत शिक्षिका श्रीमती करूणा पवार (TEACHER KARUNA PAWAR) की तबीयत अचानक बिगड़ने और बेहोश (HEAT STROKE) होने के चलते प्रशिक्षण में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डाइट प्रशिक्षण संस्थान में पर्याप्त सुविधाओं और डाइट प्रशिक्षण संस्थान के सागर शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर होने के कारण 108 एंबुलेंस भी मौके पर देरी से पहुंची। शिक्षिका को प्राथमिक उपचार के लिए तिली हॉस्पिटल सागर में भर्ती कराया गया।

उल्लेखनीय है शिक्षकों के तमाम विरोध के बाद पी स्कूल शिक्षा विभाग ने भरी गर्मी में पांच दिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी कर दिया, जिससे प्रदेशभर में शिक्षकों के लू की चपेट में आने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बदला गया, शिक्षकों का कहना है कि प्रशिक्षण आवासीय ना होने के कारण शिक्षकों को प्रतिदिन अपने मुख्यालय से शहर से 15 किलोमीटर दूर डाइट पहुंचना पड़ता है। समग्र शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष बसंत तिवारी ने स्कूल शिक्षा विभाग और जिला कलेक्टर सागर से प्रशिक्षण कार्यक्रम में बदलाव करने की मांग की है।