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जानवरों के 'चॉकलेट स्क्रैप' से बच्चों की टॉफियां बनाई जा रहीं हैं: शिकायत | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। चॉकलेट के स्क्रैप जो मनुष्यों के गैर खाने योग्य हैं एवं पशु आहार के लिए उपयोग किए जा सकते हैं, से बच्चों के लिए सस्ती टॉफियां बनाई जा रहीं हैं। यह शिकायत जिला कलेक्टर अनुराग चौधरी के पास पहुंची है। शिकायत में बताया गया है कि मांडलेज इंडिया फूडस प्राइवेट लिमिटेड के वेंडर सुपर ट्रेडिंग कंपनी द्वारा यह काम किया जा रहा है। वो फूड स्क्रैप को सीधा मार्केट में बेच रहे हैं जबकि इसका डिस्पोजल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड क नियमानुसार होना चाहिए। शिकायत में यह भी बताया गया है कि सुपर ट्रेडिंग ने गलत तरीके से एग्रीमेंट हासिल किया है। इस मामले में एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के नियमों को भी फॉलो नहीं किया जा रहा है।

मालनपुर में कैडबरी की यूनिट को मांडलेज इंडिया फूड प्राइवेट लिमिटेड टेकओवर कर चुकी है। इसके अलावा यह कंपनी और भी ब्रांडों के नाम से उत्पाद बनाती है। चॉकलेटों सहित अन्य फूड प्रोडक्टस के बनाए जाने के बाद निकलने वाला फूड स्क्रैप पशु आहार के तौर पर सप्लाई किया जाता है। कांग्रेस नेता मुरारी लाल शर्मा ने कलेक्टर से शिकायत की है कि मांडलेज इंडिया फूडस प्राइवेट लिमिटेड से निकलने वाले फूड स्क्रैप को उसकी वेंडर कंपनी सुपर ट्रेडिंग बाजार में सीधे खपत के लिए सप्लाई कर रहा है। यह सप्लाई हयूमन कंसप्शन के लिए जा रही है जोकि नहीं की जा सकती है।

शिकायत में बताया गया है कि मांडलेज कंपनी और सुपर ट्रेडिंग कपंनी के बीच 24 अप्रैल 2018 को एग्रीमेंट हुआ था। जिसमें स्पष्ट शर्तें लिखी हैं। इसमें स्क्रैप का डिस्पोजल गवर्नमेंट व पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के विभिन्न नियमों के अनुरूप सॉडि,लिक्विड व फूड स्क्रैप का निपटान समय-समय पर करना जरूरी है। इसके लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का सर्टिफिकेट जारी होता है, यह सर्टिफिकेट मांडलेज इंडिया फूड प्रालि के स्क्रैप सेल के टेंडर लेने के लिए आवश्यक है, लेकिन यहां वेंडर कंपनी सुपर ट्रेडिंग कंपनी के पास कोई सर्टिफिकेट नहीं है। एग्रीमेंट में साफ-साफ लिखा गया है कि स्क्रैप का हयूमन कंसप्शन नहीं किया जा सकता है।

इस मामले में कलेक्टर ने एडीएम को जांच दी है। शिकायत की जांच की जाएगी जिसमें पहले एग्रीमेंट से लेकर सप्लाई पैटर्न चेक होगा। शिकायतकर्ता ने इस मामले में वेंडर कंपनी की जांच की मांग की है।