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BU NEWS: मनमाने मूल्यांकन पर अफसरों में तनातनी

भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (Barkatullah Vishwavidyalaya,Bhopal) में ऐसे भी दिन आएंगे कभी किसी ने सोचा नहीं था। नया शिक्षा सत्र शुरू होने को ही है और अब तक फर्स्ट और सेकेंड ईयर (1st-2nd YEAR) का मूल्यांकन (EVALUATION) शुरू तक नहीं हो पाया है। 10 लाख से ज्यादा आंसरशीट का मूल्यांकन बाकी है। परीक्षा नियंत्रक अपने तरीके से मूल्यांकन कराना चाहते हैं, डिप्टी रजिस्ट्रार नियम विरुद्ध मूल्यांकन का समर्थन नहीं कर रहे। अफसरों में तनातनी जारी है, छात्रों का भविष्य अटक गया है।

शुक्रवार को गोपनीय शाखा में हुई बैठक में परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनय श्रीवास्तव और डिप्टी रजिस्ट्रार यशवंत पटेल के बीच तीखी बहस तक हो गई। प्रो. श्रीवास्तव ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि मूल्यांकन उसी तरह से होगा, जैसा मैं चाहूंगा। मैं परीक्षा नियंत्रक हूं और मुझे कुलपति और रजिस्ट्रार ने पावर दिए हैं। इसलिए कोई शिक्षक बीयू आकर मूल्यांकन करने आंसरशीट लेना चाहता है तो उसे यहीं से आंसरशीट दी जाएं लेकिन, डिप्टी रजिस्ट्रार पटेल इससे सहमत नहीं दिखे।

10 लाख से अधिक आंसरशीट का मूल्यांकन बाकी

बीयू की गोपनीय शाखा की स्थिति यह है कि यहां पर आंसरशीट रखने की जगह नहीं बची है। 28 मार्च को आईं आंसरशीट अभी भी विवि में ही पड़ी हैं। इनका मूल्यांकन शुरू नहीं हो पा रहा है। इनकी संख्या 10 लाख से अधिक बताई जा रही है।

आंसरशीट सीधे शिक्षकों को देने पर एकमत नहीं 

यूजी के छठवें सेमेस्टर का वेल्युएशन लगभग पूरा हो गया है। वार्षिक परीक्षा का मूल्यांकन जल्दी से पूरा हो सके, इसलिए आंसरशीट नोडल सेंटर के अलावा बीयू की गोपनीय शाखा से भी सीधे शिक्षकों देने की बात पर बहस शुरू हो गई। परीक्षा नियंत्रक ने इसी व्यवस्था को वार्षिक परीक्षा में लागू करने के लिए कुलपति प्रो. आरजे राव और रजिस्ट्रार अजीत श्रीवास्तव से मंजूरी ले ली लेकिन, पटेल ने कहा कि आंसरशीट विवि के नोडल सेंटर पर ही भेजी जाएंगी।

एक समस्या यह भी...

वार्षिक पद्धति में कॉलेज और छात्रों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि इसमें दो विषयों में फेल होते हैं तो ईयर बैक हो जाता है। एक विषय में सप्लीमेंट्री मिलने का प्रावधान है। ऐसे में कॉलेजों को रिजल्ट घोषित हाेने से पहले री-एडमिशन देने में समस्या की सता रही है। विवि ने कोई समय सीमा तय नहीं की है कि रिजल्ट कब तक घोषित कर दिए जाएंगे।