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मिर्ची बाबा: रूठे दिग्विजय सिंह को मनाने अन्न-जल त्यागने का ऐलान, लोग घर का सामान उठा ले गए | BHOPAL NEWS

भोपाल। मिर्ची यज्ञ से मनचाहे प्रतिफल प्राप्त करवाने का दावा करने वाले मिर्ची बाबा वैराग्यानंद आज समाधि नहीं ले पाए। उन्होंने कलेक्टर से समाधि की अनुमति मांगी थी कलेक्टर ने इंकार करते हुए उन्हे नजरबंद करवा दिया तो अब वैराग्यानंद ने नया ड्रामा शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वे प्रशासन के रुख का 20 जून तक इंतजार करेंगे और समाधि लेने की अनुमति मांगेगे। अगर उन्हें समाधि लेने से रोका गया तो वह अन्न-जल त्याग देंगे। माना जा रहा है कि मिर्ची बाबा यह सारा ड्रामा रूठे हुए दिग्विजय सिंह को मनाने के लिए कर रहे हैं। 

रविवार को दिनभर बाबा वैराग्यानंद गिरी का हाईवोल्टेज ड्रामा चला। वे गुवाहटी से रविवार सुबह भोपाल पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि दोपहर 2:11 पर समाधि का मुहूर्त है, वे समाधि जरूर लेंगे। लेकिन तय मुहूर्त में बाबा बड़े तालाब नहीं पहुंचे। वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल सहित बैरागढ़ एसडीम केके रावत मौजूद रहे। इधर जिला प्रशासन ने उन्हें होटल में ही नजरबंद कर दिया। होटल के बाहर प्रशासन ने एक डीएसपी समेत करीब दस पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया। 

लोगों के घर से सोफा, टीवी, बेड सहित सारा सामान उठा ले गए

रविवार सुबह एयरपोर्ट से मीनाल रेसीडेंसी स्थित अपने घर पहुंचे। यहां उन्हें अपने घर का सामान गायब मिला। पहले तो उन्होंने सामान चोरी होने की बात कही पर फिर इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया। पड़ोसियों ने बताया है कि बाबा ने जब ये मकान किराए पर लिया था तब कुछ लोगों ने अपने घर से सोफा, टीवी, बेड सहित अन्य सामान बाबा को दिया था। लेकिन दिग्विजय सिंह के चुनाव हारने के बाद लोग अपना-अपना सामान बाबा के घर से उठा कर ले गए। 

सारा ड्रामा दिग्विजय सिंह को मनाने के लिए

सूत्रों का कहना है कि वैराग्यानंद यह सारा ड्रामा दिग्विजय सिंह को मनाने के लिए कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह की कृपा से ही बाबा को भोपाल में ठिकाना मिला था। इससे पहले वो गुजरात में एक भाजपा नेता की शरण में थे। उज्जैन महाकुंभ के समय गुजरात के कुछ लोगों के साथ मिलकर बाबा ने केंप लगाया था। बाद में विवाद हो गया और बाबा के फाइनेंसर्स नाराज होकर चले गए।