साली ने जीजा को हनीट्रेप का शिकार बना लिया, सुसाइड | UJJAIN MP NEWS

Bhopal Samachar
उज्जैन। पत्नी की बहन ने अपने ही जीजा को जिस्म के जाल में फंसा लिया और फिर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। हालात यह बने कि गैरेज संचालक जितेंद्र शर्मा ने सुसाइड कर लिया। सुसाइड नोट में उसने लिखा कि 'हमेशा लड़के ही गलत नहीं होते'। उसकी लाश ग्रांड होटल के सामने स्थित उसी के गैरेज में लटकी मिली। सुसाइड नोट भी मिला है। 

क्या लिखा है सुसाइड नोट में

मैं जितेंद्र शर्मा, मेरी जिंदगी में सबकुछ अच्छा चल रहा था। छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव अाए लेकिन कभी निराश नहीं हुआ। कभी सोचा नहीं था मेरे साथ कुछ ऐसा भी होगा। आरती (परिवर्तित नाम) दिखने में बहुत मासूम है पर उसका बहुत शातिर दिमाग है। 21 नवंबर 2018 को वह मेरे घर आई और रात यहीं रुकी, बस उसी दिन से मेरा बुरा वक्त शुरू हो गया। हम रात 3 बजे तक जागते रहे। मैं जाने कैसे उसकी तरफ खींचता चला गया। उसी दिन हम दोनों के बीच पहली बार संबंध बन गए। बस उसके बाद वह जैसा कहती गई मैं वैसा ही करता चला गया। पैसा, कपड़े, घूमना उसकी हर छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करता गया। मैं उसकी ब्लैकमेलिंग का शिकार हाेता गया। मैं अपनी इज्जत और अपनी पत्नी को खाेना नहीं चाहता था। इसलिए वो जैसा बोलती गई, मैं वैसा करता चला गया। अब तक मैं हजारों रुपए उसे दे चुका हूं। 

हालांकि यह बात एक दिन तो सबको मालूम होना ही थी, इसलिए मैंने हिम्मत करके पत्नी को बता दिया लेकिन आधी बात ही बताई। इसी बात से पत्नी इतनी डिस्टर्ब हो गई कि यदि मैं पूरी बात बता देता तो पता नहीं क्या होता? मेरा घर टूटने लगा था। मैं अंदर से टूट चुका था। सबसे ज्यादा मुझे उस लड़की की ब्लैकमेलिंग ने तोड़ दिया था। मैं पत्नी काे बहुत प्यार करता हूं। थोड़ा सा भटक गया था, मुझे माफ कर देना। गैरेज कर्मचारी उत्तम से 2750 रुपए हर महीने लेना है, वह ईमानदार है समय पर जमा कर देगा। पापा मेरे मरने के बाद जो भी जरूरी कार्यक्रम होते हैं वो सब करवाना, जितना जरूरी हो। 11 ब्राह्मणों को भोजन करा देना। 

लगातार बढ़ रहे हैं हनीट्रेप के मामले

लड़कियां अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए लड़कों को हनीट्रेप का शिकार बना रहीं हैं। सैंकड़ों मामलों में से एकाध ही सार्वजनिक हो पाता है वो भी तब जबकि ब्लैकमेलिंग हद से ज्यादा बढ़ जाए। लड़कियां खुद लड़कों को आकर्षित करतीं हैं और संबंध बनाने के लिए अपनी बातों से उत्तेजित करतीं हैं फिर अचानक हावी हो जातीं हैं और इस तरह शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का खेल। प्रदेश में कुछ गिरोह भी इस तरह के अपराध करते हुए पकड़े जा चुके हैं। 
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