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भारत की पहली महिला फाइटर पायलट किसी भी युद्ध के लिए तैयार | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। इंडियन एयरफोर्स की पहली महिला फाइटर पायलट भी युद्ध के लिए तैयार है। फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत की ट्रेनिंग का एक चरण पूरा हो गया है और वह अब दिन के वक्त युद्ध के लिए तैयार हैं। इसे डे ऑप्स कहा जाता है यानी दिन के लिए तैयार। अभी उनकी रात के वक्त फाइटर पायलट के तौर पर ट्रेनिंग बाकी है जिसके बाद वह पूरी तरह से ऑपरेशनल होंगी यानी दिन हो या रात किसी भी वक्त युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार होंगी। 

फ्लाइट लेफ्टिनंट भावना कांत राजस्थान के पास नाल में एयरफोर्स के फ्रंट लाइन बेस में हैं और 3-स्क्वॉर्डन का हिस्सा हैं। वह मिग-21 बाइसन फाइटर पायलट हैं। अभी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनि चतुर्वेदी और मोहना सिंह की ट्रेनिंग चल रही है। हालांकि अवनि चतुर्वेदी अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनी थी। जिसके बाद भावना कांत ने अकेले लड़ाकू विमान उड़ाया। फाइटर पायलट बनने के लिए अलग अलग फेज में ट्रेनिंग होती है। पहले उन्हें अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए तैयार किया जाता है फिर कैसे लड़ाकू विमान को युद्ध की स्थिति में हथियार के साथ इस्तेमाल करना है, उसकी ट्रेनिंग होती है। 

पहले, दिन के वक्त लड़ाकू विमान के साथ युद्ध लड़ने की ट्रेनिंग पूरी होती है। जिसके बाद फाइटर पायलट को डे ऑप्स यानी दिन के वक्त ऑपरेशनल होने की इजाजत मिल जाती है। भावना कांत की यह ट्रेनिंग पूरी हो गई है और अब युद्ध की स्थिति में वह दिन में लड़ाकू विमान से दुश्मन का मुकाबला कर सकती हैं। अब उनकी मून फेज और डार्क फेज की ट्रेनिंग होंगी। यानी चांदनी रात में किस तरह लड़ाकू विमान उड़ाना है और अंधेरी रात में किस तरह। यह ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें फुली ऑपरेशनल माना जाएगा और वह पूरी तरह से एयरफोर्स की पायलट बन जाएंगी जो किसी भी परिस्थिति में दुश्मन से मुकाबले के लिए तैयार होंगी। 

भावना मिग-21 'बाइसन' की पायलट हैं। यह दुनिया में सबसे तेज लैंडिंग और टेकऑफ के लिए जाना जाता है। यह 340 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से लैंडिंग और टेकऑफ करता है। भावना कांत और अवनी चतुर्वेदी के अलावा मोहना सिंह भी इंडियन एयरफोर्स में फाइटर पायलट की ट्रेनिंग ले रही हैं। इन तीनों को ही बेसिक ट्रेनिंग के बाद जून 2016 में फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया था। प्रायोगिक तौर पर इन तीनों महिला फाइटर पायलट को 5 साल के लिए एयरफोर्स की फाइटर स्ट्रीम में लिया गया है।