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ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनेंगे | MP NEWS

भोपाल। लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्यप्रदेश कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाने का अभियान शुरू हुआ था परंतु लगता है कि यह पद उन्हे नहीं मिल पाएगा। वो मध्यप्रदेश की राजनीति की मुख्यधारा में नहीं रहेंगे क्योंकि राहुल गांधी उन्हे अंतरिम कार्यकारी अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। 

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए राहुल गांधी लोकसभा में संसदीय दल के नेता का जिम्मा संभालने को तैयार हो गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी में अध्यक्ष मंडल बनाए जाने का सुझाव रखा है। अंतरिम कार्यकारी अध्यक्ष की दौड़ में कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया और केके वेणुगोपाल के नाम आगे हैं। 

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सोनिया गांधी यूपीए अध्यक्ष बनी रहेंगी। लेकिन, गांधी परिवार यानी सोनिया-राहुल और प्रियंका पार्टी के रोजमर्रा के कामों में दखल नहीं देगा। पार्टी में एक कार्यकारी अध्यक्ष, दो या उससे ज्यादा कार्यकारी उपाध्यक्षों का अध्यक्ष मंडल बनाया जा सकता है। 

चुनावी रणनीति बनाएगा कार्यकारी अध्यक्ष मंडल

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अध्यक्ष मंडल पार्टी के कामकाज संभालने के साथ चुनावी रणनीति पर विचार करेगा। केसी वेणुगोपाल को अंतरिम अध्यक्ष पद का जिम्मा सौंपा जा सकता है, क्योंकि पार्टी को दक्षिण से 23 सांसद मिले हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चह्वाण को उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसके अलावा पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी कार्यकारी अध्यक्ष का जिम्मा सौंप सकती है और उन्हें सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा जैसे युवा कार्यकारी अध्यक्षों की टीम दी जा सकती है। 

राहुल के समर्थन में युवा नेता

सूत्रों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं को कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पार्टी में बदलाव के फैसले पर राहुल का सबसे ज्यादा समर्थन पायलट और सिंधिया ही कर रहे हैं। इन नेताओं को लोकसभा चुनाव में हार मिली है, लेकिन बताया जा रहा है कि ये नेता मानते हैं कि पार्टी की कमान संभालने का यही वक्त है।