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कमलनाथ ने विधायकों की बैठक बुलाई, मंत्री पद बंटेंगे, मनोकामनाएं पूरी होंगी | MP NEWS

भोपाल। लोकसभा चुनाव से कांग्रेस में किसी को फायदा हुआ हो या ना हुआ हो, लेकिन कांग्रेस के विधायकों को जरूर फायदा हो गया। सीएम कमलनाथ ने 26 मई को विधायकों की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि मंत्री पद के दावेदार विधायकों को इस बार मंत्री पद दे दिया जाएगा। निर्दलीय विधायकों की भी मनोकामनाएं पूरी होंगी। बसपा/सपा से डील अब मायावती और कमलनाथ का व्यक्तिगत मामला हो गया है। 

लोकसभा चुनाव के नतीजों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी चिंंता में डाल दिया है। चिंता सरकार के अस्तित्व को लेकर है। कांग्रेस सरकार के गठन के साथ उसके भविष्य को लेकर बयानबाजी करने वाले भाजपा नेताओं के हौंसले सूबे की 29 में से 28 सीट जीतने के बाद और भी ज्यादा बुलंद हो गए हैं। कांग्रेस विधायकों को एकजुट रखने की गरज से मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 26 मई को भोपाल में विधायकों की बैठक भी बुलाई है।

बता दें कि कांग्रेस के पास अभी 114 विधायक हैं जबकि बहुमत के लिए न्यूनतम 116 की जरूरत है। 109 विधायकों के साथ भाजपा सीएम हाउस के दूसरे दरवाजे पर खड़ी है। चार निर्दलीय, दो बसपा और एक सपा विधायक ही सत्ता के प्रमुख 7 स्तंभ हैं। कमलनाथ ने चार निर्दलीय विधायकों में से एक को मंत्री बनाया। बाकी के विधायक मंत्री बनने के भरोसे बैठे हैं। 

बचे हुए तीन निर्दलीय में से एक ने अपनी पत्नी को लोकसभा चुनाव लड़ाने का एलान किया तो नाथ ने उसे बुलाकर समझाया और वचन दिया कि लोकसभा चुनाव निपटते ही उसे मंत्री बना दिया जाएगा। सपा और बसपा के लखनऊ में बैठे नेता भी इस मुद्दे पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार से नाराज चल रहे हैं। राजनीतिक इस समय जो विधायक आंखें तरेर लेगा उसे मंत्री पद मिल पाएगा।

कांग्रेस को भय यह है कि भाजपा एक दो माह में उसका गेम बिगाड़ सकती हैं। इस भय की बानगी शुक्रवार को उस समय देखने को मिली जब नीमच के एक कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग के इस्तीफे की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रदेश कांग्रेस एक्टिव हुई और तत्काल उससे संपर्क स्थापित कर खंडन भी वायरल किया गया कि डंग ने इस्तीफा नहीं दिया।डंग इकलौते सिख विधायक है, इस नाते मंत्री बनने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया। चूंकि वे नाराज हैं इसलिए जैसे ही उनके इस्तीफे की खबर वायरल हुई कांग्रेस का डैमेज कंट्रोल दस्ता सक्रिय हो गया।

शिवराज सिंह ने कहा था: 1 वोट से 2 सरकार बनेंगी

लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी हर सभा में लोगों से यह अपील की थी कि वे एक वोट देकर दो सरकार बनाएं। दूसरी सरकार से उनका आशय मप्र में सरकार बनाने को लेकर था। जाहिर है कि सरकार तभी बनेगी जब मौजूदा सरकार गिरेगी। मौजूदा सरकार तब तक नहीं गिर सकती जब तक कि समर्थन देने वाले दलों के तीन विधायकों के अलावा निर्दलीय और कुछ कांग्रेस विधायक नहीं टूटते है।