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ग्वारीघाट पर केबल स्टे ब्रिज नहीं झूला पुल बनेगा | JABALPUR NEWS

जबलपुर। ग्वारीघाट (Gawarghat) में चार पहिया वाहनों के हिसाब से प्रस्तावित केबल स्टे ब्रिज (Cable Stay Bridge) की जगह पैदल और दोपहिया वाहनों के लिए झूला पुल (JHULA PUL) बनाने का निर्णय संत समाज ने लिया है। संतों के निर्णय को प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोत (Finance Minister Tarun Bhanot) ने भी पूरा करने पर अपनी सहमति जताई है। यह जानकारी साकेत धाम (SAKET DHAM) में आयोजित संत और जनप्रतिनिधियों की बैठक में स्वामी गिरीशानंद महाराज ने दी। इसके अलावा ग्वारीघाट में नालों का प्रदूषित पानी रोकने के लिए भी आचार संहिता के बाद नगर निगम के माध्यम से प्रस्ताव पारित कराया जाएगा।

स्वामी गिरीशानंद महाराज ने बताया कि वित्त मंत्री तरुण भनोत को संतों के निर्णय से अवगत कराया गया है। जिसमें बड़े ब्रिज की जगह झूला पुल पर ही सहमती बनी है। यदि ऋषिकेश की तर्ज पर ग्वारीघाट में भी झूला पुल बनेगा तो यह पर्यटन व नर्मदा के लिए बेहतर होगा। भारी वाहनों की आवाजाही नहीं होगी और बची राशि का उपयोग दूसरे विकास कार्यों में किया जा सकेगा। श्री भनोत ने भी संत समाज व धार्मिक आस्था का ध्यान रखते हुए विकास कार्य पर सहमति जता दी है।

धारा बनाए रखने खोले जाएं डैम के गेट

बैठक में स्वामी गिरीशानंद महाराज ने हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का हवाला दिया। बताया कि किसी भी नदी की धारा को लंबे समय तक बाधित नहीं किया जा सकता है। बरगी विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय यादव ने संतों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही बरगी डैम से पानी छोड़ने के प्रयास तेज किए जाएंगे। इस संबंध में कलेक्टर और एनवीडीए अफसरों के साथ बैठक भी आयोजित की जाएगी।

नर्मदा के लिए बने समग्र प्लान

जगतगुरु डॉ. श्यामदेवाचार्य महाराज ने कहा कि नर्मदा पर स्टाप डैम का निर्माण किया जाना चाहिए। जिससे साल भर धारा को बनाए रखा जा सकता है। राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने बैठक के अंत में कहा कि सिर्फ ग्वारीघाट के लिए नहीं बल्कि अमरकंटक से लेकर प्रदेश के आखिरी सिरे तक प्रवाहित होने वाली नर्मदा के सभी शहरों, गांव के लिए समग्र विकास का प्लान बनाया जाना चाहिए। इस प्लान के लिए अलग से सरकार को एजेंसी तैयार करनी होगी। जो अवैध खनन, पर्यटन, धार्मिक महत्व से जुड़ा विकास कर सके।

सभी पार्टियों और नेताओं में सर्वोपरी नर्मदा

प्रदेश के नर्मदा नदी न्यास आयोग अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि नर्मदा हमारी जीवन रेखा होने के साथ ही हमारे शहर और प्रदेश के लोगों की आस्था का केंद्र है। नर्मदा नदी का संरक्षण बिना संत समाज की सहभागिता के नहीं किया जा सकता। कोई भी पार्टी या नेता नर्मदा से बड़ा नहीं है, इसलिए किसी को भी अवैध खनन करने नहीं दिया जाएगा।

इन कार्यों पर बनी सहमति

नर्मदा में मिलने वाले नालों पर प्रदूषण नियंत्रण ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाए।
एचसीएल कंपनी के माध्यम से 11 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इन पौधों की पांच साल तक सुरक्षा भी कंपनी ही करेगी। इसके लिए सरकारी भूमि को चिंहित किया जाएगा।
अवैध खनन करने वाले वाहनों को सीधे राजसात करना और कोर्ट के आदेशों का पालन कराना।
तिलवारा में नए पुल पर भी जाली लगाने का काम किया जाना।
लम्हेटाघाट पर बड़े सीमेंट ब्रिज की जगह झूला पुल का निर्माण करने पर चर्चा की गई।

यह हुए शामिल
बैठक में प्रदेश के नदी न्यास आयोग अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा, महापौर स्वाती गोडबोले, पूर्व मंत्री चंद्रकुमार भनोत, नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर, पूर्व महापौर सदानंद गोडबोले, धीरज पटेरिया, पूर्व केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड दिल्ली अध्यक्ष प्रो.एसपी गौतम, अजय कालिकानंद, इंद्रभान महाराज, महंत केवलकृष्ण पुरी, रामानंद पुरी, रोहित दुबे, अशोक रंगा, एड. आरपी अग्रवाल, महेंद्र पटेरिया, रमेश नवेरिया व शहर के अन्य गणमान्य जन मौजूद थे।