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लोग अब BANK FD नहीं कराते, 42% तक की गिरावट | MARKET REVIEW

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक नया ट्रेंड सामने आया है। लोग बैंक में पैसा तो रख रहे हैं परंतु सावधी जमा यानी फिक्स डिपॉजिट (FIXED DEPOSIT) नहीं करवा रहे। वो मौके की तलाश में रहते हैं और अवसर आते ही पैसा निकालकर दूसरी जगह निवेश (INVEST) कर देते ​हैं। पिछले ​3 साल में बैंक एफडी में 42% तक की गिरावट दर्ज की गई है। इतना ही नहीं लोग डाकघर की बचत योजनाओं  (POST OFFICE SAVING SCHEME) में भी पैसा नहीं डाल रहे हैं।

ठप्पे से LOAN ले रहे हैं लोग

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शहरी क्षेत्र के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं। पिछले तीन साल में हमारी बैंकों में जमा राशि 23% तक घट गई है जबकि लोन 43% तक बढ़ गए हैं। बचत में सबसे अधिक गिरावट सावधि जमा में 42% तक की गिरावट आई है। इसके मायने यह हैं कि लोग फिक्स डिपॉजिट (एफडी) कम करवा रहे हैं। हालांकि बचत खातों में रखा पैसा 83% और चालू खातों में रखा धन 74% तक बढ़ा है लेकिन ये बैंकों के काम का नहीं है क्योंकि खाताधारक इसे कभी भी निकाल लेते हैं। इसलिए एफडी में बड़ी गिरावट आने से बैंक में जमा धन घट गया।

CORPORATE BONDS और MUTUAL FUND में पैसा INVEST कर रहे हैं लोग

जानकार कहते हैं कि सच है बैंकों में जमा पैसा तेजी से घट रहा है। इसकी वजह यह है कि लोग सरकार की पेंशन स्कीम, सुरक्षित कॉर्पोरेट बॉन्ड और म्यूचुअल फंड तक में पैसा लगाना पसंद कर रहे हैं केवल बैंक एफडी भर नहीं, पोस्ट ऑफिस की सभी बचत योजनाओं में जमा धन भी तीन साल में 70% तक घटा है। निवेश मामलों के जानकार कहते हैं कि लोग अपने चालू खातों और बचत खातों में पैसा रखते जरूर हैं, लेकिन वे उसे जब चाहे उपयोग कर लेते हैं।

BANK FD से ज्यादा INTEREST का लालच

भोपाल स्टॉक इंवेस्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष अग्रवाल कहते हैं, बेशक शेयर मार्केट में जोखिम है, लेकिन पेंशन स्कीम और निश्चित रिटर्न की गारंटी देने वाले कॉर्पोरेट बॉन्ड तो सुरक्षित होते हैं। इनमें 9% से ज्यादा सुरक्षित रिटर्न मिल रहा है। इसकी तुलना में बैंक एफडी का ब्याज केवल 7 से 8% ही है। पीएफ का ब्याज भी इससे ज्यादा है।

HOME और CAR के लिए LOAN लेने वाले तेजी से बढ़े

बैंकिंग से जुड़े लोगों की मानें तो राजधानी में घर और कार के लिए कर्ज लेने वाले तेजी से बढ़े हैं। तीन साल से रियल एस्टेट संकट में था, इसलिए लोगों को मकान सस्ते मिल गए। लोग सबसे ज्यादा कर्ज घर बनाने के लिए ही ले रहे हैं। यह जानकार अचरज हो सकता है कि रियल एस्टेट के प्रोजेक्ट लगातार बढ़ रहे हैं। रेरा के आंकड़े बताते हैं कि हर हफ्ते एक नया प्रोजेक्ट पंजीयन के लिए आ रहा है। इस साल अब तक चार माह में 20 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हो चुके हैं। इन्हें मिलाकर कुल 540 प्रोजेक्ट में मकान बन रहे हैं।