SUMITRA MAHAJAN: कांग्रेस को संकेत का इंतजार, शत्रु के बाद ताई हो सकतीं हैं उम्मीदवाद | MP NEWS

Bhopal Samachar
भोपाल। इंदौर की सर्वमान्य महिला नेता लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने चिट्ठी लिखकर भाजपा ऐलान कर दिया है कि अब वो भाजपा से टिकट की दावेदार नहीं हैं। पार्टी स्वतंत्र है, जिसे चाहे टिकट दे दे। इसी के साथ राजनीति का चक्का तेजी से घूमने लगा है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ताई के संकेत का इंतजार कर रही है। यदि ताई चाहें तो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकतीं हैं। इधर खबर यह भी आ रही है कि घबराई भाजपा ने ताई को 'राज्यपाल' बनाने का वादा कर दिया है। बता दें कि आज चैत्र प्रतिपदा के दिन बिहार के भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस ज्वाइन की ओर 3 घंटे के भीतर उन्हे टिकट दे दिया गया। कांग्रेस ऐसे सभी नेताओं का स्वागत कर रही है जिनके पास जनाधार है परंतु भाजपा में प्रताड़ित किया जा रहा है। 

नाराज ताई ने कहा: अब पार्टी स्वतंत्र है

मीडिया से चर्चा में ताई ने कहा कि पार्टी को निर्णय लेने में आसानी हो इसलिए मैंने इंकार कर दिया। पार्टी को टिकिट की घोषणा करने में देरी हो रही थी और मुझे लगा कि यह अच्छा नहीं है। जितनी देर होगी उतना कम समय प्रचार के लिए मिलेगा। इसलिए मैंने खुद ही मना कर दिया। अब पार्टी स्वतंत्र है वो जिसे चाहे उम्मीदवार बनाए। ताई ने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि अगर पार्टी अब भी टिकिट देगी तो उस वक्त सोचूंगी।

कांग्रेस ने निमंत्रण भेजा

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा कि सुमित्रा महाजन जो इंदौर लोकसभा सीट से आठ बार की सांसद है और लोकसभा स्पीकर है, यह हमारे लिए गौरव का विषय है  ,परंतु दुःख इस बात का है कि भाजपा उनको इतने वर्षो की सेवा का यह इनाम दे रही है। उनका टिकट काटा जा रहा है, यह वरिष्ठ नेता का अपमान है। हमारी संवेदना ताई के साथ है। वैसे भी भाजपा अब दो लोगो की कंपनी बन चुकी है। पुरानी भाजपा नहीं है ,परन्तु कांग्रेस में आज भी वरिष्ठ नेताओं के सम्मान की परंपरा है। अतः मेरा ताई से आग्रह है  की वह कांग्रेस पार्टी में विधिवत आ जाएं जिससे हमें उनके सम्मान करने का अवसर मिलेगा।

कैलाश विजयवर्गीय के कारण अटका है इंदौर का टिकट

भाजपा सूत्रों का कहना है कि कैलाश विजयवर्गीय इंदौर लोकसभा से चुनाव लड़ना चाहते हैं। विधानसभा चुनाव में वो अपने सुपुत्र आकाश विजयवर्गीय को अपनी जगह टिकट दिलवा चुके हैं। अमित शाह के 'एक परिवार एक टिकट' के सिद्धांत पर कैलाश विजयवर्गीय की मांग फिट नहीं बैठती, परंतु कैलाश विजयवर्गीय की कोशिशों में कितना दम है, यह इस बात से प्रमाणित होता है कि ताई की एनओसी के बाद भी शनिवार को जारी लिस्ट में इंदौर प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई। 

ताई को टिकट देने से कांग्रेस को क्या फायदा होगा

महीने भर पहले तक इंदौर में ताई का भाजपा के भीतर विरोध था परंतु जब लगातार 14 लिस्टों तक उनका नाम घोषित नहीं हुआ तो अब इंदौर में ताई के प्रति सहानुभूति की लहर दौड़ गई है। कांग्रेस के पास वैसे भी इंदौर से कोई बड़ा नाम नहीं है। यदि सुमित्रा महाजन को टिकट दिया तो 1 सीट तो पक्की है ही, आसपास की कई सीटों पर भी प्रभाव पड़ेगा। मप्र में करीब 8 लाख मराठा वोटर्स के लिए सुमित्रा महाजन एकमात्र नेता हैं। ताई को टिकट देकर कांग्रेस यह भी साबित कर सकती है कि उनकी पार्टी में माताओं का सम्मान होता है, जबकि भाजपा में बूढ़ी मां को प्रताड़ित किया जाता है। 
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