Advertisement

INDORE लोकसभा से मिलिंद महाजन का नाम, अमित शाह का नियम कैलाश पर भारी | MP NEWS



भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का बनाया नियम 'एक परिवार एक टिकट' कैलाश विजयवर्गीय पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने खुद को तो चुनावी राजनीति से दूर कर लिया लेकिन अब उनके बड़े बेटे मिलिंद महाजन का नाम सामने आ गया है। महाराष्ट्रीयन समाज ने अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। बता दें कि इंदौर में महाराष्ट्रीयन समाज के करीब 2 लाख वोट हैं और वो सभी भाजपा को वोट करते हैं। 

महाराष्ट्रीयन समाज ने उनके बड़े बेटे मिलिंद महाजन को लोकसभा उम्मीदवार बनाए जाने की मांग उठाई है। इस मुद्दे पर शहर के 32 मराठीभाषी संगठनों के हस्ताक्षरों की चिट्ठी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेजी गई है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि ताई कभी भी अपनी तरफ से बेटे का नाम आगे नहीं बढ़ाएगी, लेकिन उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने से मराठीभाषी समाज की भावनाओं का सम्मान होगा। शाह को भेजे गए पत्र में मराठीभाषी संगठनों ने लिखा है कि लोकसभा स्पीकर के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा से मराठीभाषी समाज आहत है और प्रतिनिधित्व विहिन महसूस कर रहा है। ताई के आचरण की वजह से बड़ी संख्या में मराठीभाषी समाज भाजपा से जुड़ा है। इसलिए संगठन ऐसा उम्मीदवार चुने जो ताई के निकट हो। वृहन्महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष मिलिंद महाजन ताई के बेटे हैं। जिन्हें पार्टी इंदौर से लोकसभा उम्मीदवार बनाएं। ताई कभी अपनी तरफ से इस तरह की मांग नहीं करेंगी, लेकिन हम चाहते हैं कि मिलिंद प्रत्याशी बने। संगठन इस पर गंभीरता से विचार करेगा तो शहर में मराठीभाषियों का स्वाभिमान और आत्मसम्मान कायम रहेगा।

कैलाश विजयवर्गीय प्रबल दावेदार लेकिन आकाश के कारण कमजोर

सुमित्रा महाजन के बाद इंदौर लोकसभा सीट के लिए कैलाश विजयवर्गीय सबसे प्रबल दावेदार हैं परंतु विधानसभा चुनाव मे कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे आकाश का टिकट दिला चुके हैं। अमित शाह का नियम है 'नियम परिवार एक टिकट' इस नियम के चलते कैलाश विजयवर्गीय अयोग्य साबित हो रहे हैं। यदि लोकसभा चुनाव में कैलाश विजयवर्गीय को टिकट दिया गया तो मध्यप्रदेश में भाजपा के भीतर काफी कुछ बदल सकता है।