ADARSH CREDIT की ब्रांच में निवेशकों का हंगामा, पुलिस समझाकर लौट गई | MP NEWS

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ADARSH CREDIT की ब्रांच में निवेशकों का हंगामा, पुलिस समझाकर लौट गई | MP NEWS

नीमच। कमलेश सारड़ा। ADARSH CREDIT COOPERATIVE SOCIETY से जुड़े लोगों को अपने धन की चिंता सताने लगी है। बुधवार को नीमच में वीरपार्क रोड स्थित आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ऑफिस में ग्राहकों और एजेंट ने अपनी आरडी व एफडी के भुगतान को लेकर जमकर हंगामा कर दिया। जिसके बाद वहां पर पुलिस पहुंची और मामले को शांत कराया। गौरतलब है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली सहित अन्य राज्यों में सोसायटी ने पैर पसार रखे हैं। 

सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव की ओर से वाइंडअप करने के निर्देश जारी चुके हैं, जिसके बाद निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं। कारण कि सोसायटी में निवेश करने वालों की करोड़ों रुपए की जमा पूंजी के डूबने का भय सता रहा है। केंद्रीय रजिस्ट्रार ने मामले पर निगरानी करने के लिए एक लिक्विडेटर भी नियुक्त किया है। वहीं सोसायटी की ओर से मुकेश मोदी के पक्ष में निवेशकों से शपथ पत्र भरवाए जा रहे हैं।

दरअसल आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के फाउंडर के गिरफ्तार होने के बाद निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई थी, गत आठ माह से निवेशकों को पैसा नहीं मिल रहा है। निवेशक अपनी ही जमा पूंजी लेने के लिए चक्कर पे चक्कर लगा रहे हैं। कभी टालमटोल करके तो कभी कुल जमा पूंजी का एक अंश देकर निवेशकों को रवाना कर दिया जाता है पर पूरी पूंजी नहीं दी जा रही है। भले ही अवधि पूरी हो चुकी हो। इससे निवेशकों में जमा पूंजी के डूबने का डर बढ़ता जा रहा है। वहीं गत एक-दो माह से सोसायटी के एजेंटों ने निवेशकों से प्रति माह लेने वाली किस्त भी लेना बंद कर दिया है। शहर के साथ ग्रामीण इलाकों के निवेशक बड़ी संख्या में बीते तीन दिनों से सोसायटी के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वहां उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। ब्रांच कर्मचारियों के पास किसी सवाल को कोई जवाब नहीं है। ऐसे में निवेशक अपने पैसों को लेकर परेशान हैं। इसकी पूरे देश में 800 से अधिक ब्रांच हैं और जोधपुर में आठए जिनमें सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपए जमा है।

एजेंट ने आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी में हंगामा

एजेंट पंकज माली ने बताया कि वह आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी से वह पिछले छह-सात साल से जुड़ा है। छह साल में लोगों की एफडी डबल करने का आश्वासन दिया था। अब बैंक पैसा नहीं दे रही है। वहीं कई ग्राहकों की आरडी भी पूरी हो गई है, वह घर आकर चक्कर काटते है और धमकाते है। किसी के घर में शादी है और वह जमा पूंजी प्राप्त नहीं कर पा रहा है। वह रोजना घर आकर धमकाता है। ऐसे में बैंक में कोई भी अधिकृत रूप से जवाब देने को तैयार नहीं है। वह न तो चैक दे रहे है और न ही लिखित में आश्वासन दे रहे हैं कि कब पैसा लौटाएंगे। जिले में हजारों लोग जुड़े है, जिनका करीब ढाई करोड़ रुपया फंसा है। लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है, कब पैसा लौटाएंगे। वहीं ग्राहक महिला कृष्णा शर्मा ने बताया कि उनका करीब एक लाख रुपए और मां का करीब आठ लाख रुपए कॉपरेटिव बैंक में उलझे है। यह चक्कर पर चक्कर कटाए जा रहें हैं। कोई संतोषपूर्ण जवाब नहीं है, लोगों को एक न एक दिन आक्रोश फूटना स्वाभाविक है।

सोसायटी संस्थापक की हुई थी गिरफ्तारी 

दिसंबर वर्ष 2018 में मुकेश मोदी को सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस एसएफआईओ की ओर से गिरफ्तार किया गया था। इसमें ये आरोप लगे थे कि सोसायटी में आए धन को गलत इस्तेमाल कर अपने जान-पहचान वालों और उनकी फ र्म को लोन दे दिया। जबकि जांच में पता चला कि जिन्हें लोन दिया गया हैए उन्होंने कोई बिजनेस ही नहीं किया। इसलिए केंद्रीय रजिस्ट्रार ने एसएफआईओ के एक पूर्व आईएएस एचएस पटेल को लिक्विडेटर नियुक्त किया है। जिसने सारे बैंक खाते सीज कर दिए हैं।

सभी को दिया जाएगा पैसा 

जिनका जो भी पैमेंट है संस्था सभी को देगी। अभी वर्तमान में बैंक के खाते सीज कर दिए गए हैै। जिससे भुगतान करने में परेशानी आ रही है। सोसायटी के पास 10 हजार करोड़ की संपत्ति है, जबकि देनदारी कम है। तीन महीने में सारी स्थिति सुधर जाएगी। जब लोगों ने इतना सब्र किया है तो थोड़ा और करें। कोर्ट में भी केस चल रहा है। खाते खुलते है, सभी की देनदारी देना शुरू कर दिया जाएगा।
आशीष जैन, रीजनल मैनेजर आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी।


थाने पर नहीं दी किसी ने शिकायत 

दोपहर में आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी पर लेनदारी को लेकर हंगामे की सूचना पर डायल 100 गई थी, वह समझाइश कर मामला शांत कर लौट आई थी। किसी ने थाने पहुंचकर कोई शिकायत नहीं दी है।
अजय सारवान, थाना प्रभारी नीमच कैंट