अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को बचाने वाला बयान दिया | WORLD NEWS

नई दिल्ली। भारत के ग्रामीण इलाकों में जब बच्चा कोई गलती करे और उसका दोष प्रमाणित हो जाए तो उसे सामाजिक पंचायत की सजा से बचाने के लिए अक्सर बच्चे के परिजन की बच्चे की पिटाई लगाना शुरू कर देते हैं और फिर कहते हैं कि यदि अगली बार यह गलती की तो पंचायत तुझे माफ नहीं करेगी। इस तरह वो बड़ी ही चतुराई से अपने बच्चे को कठोर सजा से बचा ले जाते हैं, अमेरिका की तरफ से भी कुछ इसी तरह का बयान आया है। 

अमेरिका ने पाक को कहा है कि अब अगर भारत पर अगली बार हमला हुआ तो बड़ी परेशानी होगी। अमेरिकी में ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने व्हाइट हाउस में एक बयान में कहा कि, 'हमें यह देखने की जरूरत है कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे। यदि पाकिस्तान चाहता है कि क्षेत्र में एक बार फिर से तनाव की स्थिति पैदा न हो तो फिर उसे ऐक्शन लेना होगा।'

अमेरिका ने भारत को भी डराया
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। भारत-पाकिस्तान क्षेत्र में किसी प्रकार का तनाव पैदा न हो, इसके लिए जरूरी है कि पाकिस्तान खासकर जैश-ए मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ सख्त कदम उठाए। अमेरिका ने कहा है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो दोनों देशों के लिए खतरनाक होंगे।

अमेरिका ने पाकिस्तान की तरफ से सफाई पेश की 
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पाक ने पिछले दिनों कुछ कार्रवाईयां की हैं जिनमें आतंकियों की संपत्ति जब्त की गई है और उनकी गिरफ्तारी हुई। लेकिन हम इससे ज्यादा एक्शन देखना चाहते हैं। पाक पहले भी ऐसे एक्शन ले चुका है लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता है। 

पाकिस्तान ने फिर हमला किया, 1 जवान शहीद
जिस समय अमेरिका यह बयान दे रहा था। पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर भारतीय सेना पर हमला किया। होली के त्यौहार पर गुरुवार सुबह से ही जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग शुरूकर दी गई। इस फायरिंग में अब तक एक जवान के शहीद हो जाने की खबर आई है। जवान की पहचान रायफलमेन यश पाल के रुप में हुई है। यश पाल 24 साल के थे और जम्मू के उधमपुर के रहने वाले थे। जम्मू के पीआरओ डिफेंस लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की पुष्टि की। अलबत्ता उन्होंने कहा कि इसमें हुए नुकसान के बारे में अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।