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VEHICLE INSURANCE: बाइक, कार, बस या ट्रक मालिकों के काम की खबर | BUSINESS NEWS

पुलक त्रिपाठी। Insurance Regulatory and Development Authority यानी बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट आदेश किया है कि वाहन बीमा ( vehicle insurance ) मामलों में टोटल लॉस की कंडीशन में पूरा बीमा क्लैम ( Insurance clam ) अदा करना होगा। गाड़ी चोरी होने, दुर्घटनाग्रस्त होने की दशा में पूर्ण बीमा के तहत बीमा कंपनियां ग्राहकों को पूरा भुगतान करने में आनाकानी नहीं कर सकेंगी। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलेपमेंट अथॉरिटी (IRDA) ने बीमा कंपनियों ( Insurance companies ) पर डंडा चलाते हुए बिना आनाकानी के भुगतान करने को कहा है।

दरअसल,  अभी तक पूर्ण बीमित वाहन के दुर्घटनाग्रस्त व चोरी होने की दशा में भी बीमा कंपनियां ग्राहक को पैसे कम कर के देती थी। इसे लेकर आइआरडीए ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। एक सरकारी बीमा कंपनी के शीर्ष स्तर के अधिकारी का कहना है कि निजी बीमा कंपनी में यह खेल अधिक होता है। आइआरडीए( IRDA ) के पत्र संख्या IRDA/NL/ORD/ONS के तहत सख्त रुख को देखते हुए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के प्रधान कार्यालय के डिप्टी जनरल मैनेजर आर हरिहरन ( Deputy General Manager R Hariharan ) ने भी निर्देश जारी करते हुए आइडीवी के अनुसार ग्राहकों को भुगतान के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश का अनुपालन न करने वाले संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई को भी चेताया है।

आइआरडीए कई कंपनियों पर जुर्माना ठोक चुकी है / IRDA has imposed a fine on many companies

वाहन के फुल बीमा के बाद भी बीमा कंपनियों द्वारा टोटल लॉस की दशा में कम भुगतान करने के मामले को आइआरडीए ने गंभीरता से लेते हुए कई बीमा कंपनियों पर 15- 15 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है। इस संबंध में कॉआर्डिनेटर, इंस्टीटयूट ऑफ इंडियन इंश्योरेंस सर्वेयर्स एंड लॉस एसेसर्स / Institute of Indian Insurance Surveyors and Los Angeles (इसला) विपिन कुमार शुक्ला ने कहा कि पॉलिसी कांट्रैक्ट की एक शर्त है कि इंश्योर्ड डिक्लियर्ड वैल्यू / Insured Declared Value ( IDV ) बीमित घोषित मूल्य को बीमा अवधि (Insurance period ) में कम नहीं किया जा सकता है।