मंदसौर और नर्मदा के बाद सिंहस्थ घोटाले में भी शिवराज सरकार का क्लीनचिट | MP NEWS

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मंदसौर और नर्मदा के बाद सिंहस्थ घोटाले में भी शिवराज सरकार का क्लीनचिट | MP NEWS


भोपाल। मध्यप्रदेश की नई कमलनाथ ( KAMAL NATH  ) सरकार अब उन लोगों के निशाने पर आ गई है जिन्होंने बड़ी मेहनत करके शिवराज सिंह ( SHIVRAJ SINGH ) सरकार के खिलाफ घोटालों के तथ्य जुटाए थे और दावा किया था कि शिवराज सरकार घोटालों की सरकार है। मंदसौर गोली कांड( Mandsaur bullet case ) नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान हुए पौधारोपण घोटाले ( Plantation scam ) के बाद कमलनाथ सरकार ने अब सिंहस्थ घोटाला 2016 में भी शिवराज सिंह सरकार को क्लीनचिट दे दी है। कमलनाथ सरकार ने माना है कि सिंहस्थ में कोई घोटाला नहीं हुआ था और फैसला किया है कि सिंहस्थ घोटाले ( Simhastha Scam ) की जांच नहीं कराया जाएगा।

बता दें कि उज्जैन में 2016 में आयोजित हुए सिंहस्थ महाकुंभ के बाद विपक्ष में रही कांग्रेस ने इसमें भारी घोटाले का आरोप लगाया था और जांच की मांग की थी। कांग्रेस के कई आरोपों में से एक के मुताबिक सिर्फ अस्थायी टॉयलेट पर ही सरकार ने 156 करोड़ से अधिक फूंक दिए। इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्री विक्रेताओं तक को टॉयलेट बनाने के ठेके दे दिए गए। ऐसे कई आरोप तब विपक्ष में रही कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर लगाए थे। 2016 में कांग्रेस ने एक इंवेस्टीगेशन रिपोर्ट जारी की थी और मध्य प्रदेश के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रहे अरुण यादव ने उसे मीडिया के सामने सार्वजनिक की थी जिसमें ये आरोप लगाए गए थे।

सिंहस्थ घोटाला में क्या क्या हुआ, यह कांग्रेस ने बताया था
-5 करोड़ की स्वास्थ्य सामग्री के 60 करोड़ चुकाए
-3500 रुपए के कूलर का किराया 6500 रुपए
-बनाए 40 हजार शौचालय, लिखे 90 हजार
-प्याऊ और कचरा प्रबंधन घोटाला
-5 करोड़ का पुल 15 करोड़ भुगतान
-खेतों की लेवलिंग के नाम पर 10 करोड़
-66 करोड़ का अस्पताल 93 करोड़ भुगतान
-तालाब की सफाई में घोटाला
-पीडब्ल्यूडी के दागी अफसर को सौंपी जिम्मेदारी
-मंत्री के दामाद की भूमिका संदिग्ध
-सीएम के भांजे पर भी थे आरोप
-दागी अफसरों को भी मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
-विज्ञापनों पर 600 करोड़ लुटाए, 180 करोड़ अमेरिका के नाम पर
-24 को मेला खत्म हुआ, 26 को ऑडिट भी हो गया
-बीमा घोटाला: 206 पोस्टमार्टम हुए, बीमा भुगतान किसी को नहीं
-1000 करोड़ का खाद्यान्न घोटाला

ये सभी आरोप तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने मीडिया के सामने रखे थे और कांग्रेस ने कई बार इस मुद्दे को लेकर तत्कालीन शिवराज सरकार को घेरा था। इतना ही नहीं विधानसभा चुनाव के दौरान भी कांग्रेस नेताओं ने सिंहस्थ घोटाले के मुद्दे को बहुत जोर-शोर से उठाया था। कांग्रेस ने जनता से वादा किया था कि सरकार में आने पर इसकी जांच कराई जाएगी लेकिन अब कांग्रेस ने मामले पर क्लीन चिट दे दी है।