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BSNL को बंद करने जा रही है MODI सरकार, 67000 कर्मचारियों को VRS की तैयारी | EMPLOYEE NEWS

14 February 2019

नई दिल्ली। PM नरेंद्र मोदी सरकार पर रिलायंस जियो को फायदा पहुंचाने के लिए BSNL को पीछे धकेलने, 4जी लाइसेंस ना देने जैसे कई आरोप लगते रहे हैं, अब एक बड़ी समस्या सामने आ गई है। वित्त वर्ष 2017-18 के अंत तक भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का कुल घाटा 31,287 करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसी के साथ BSNL को बंद करने के विकल्प पर विचार शुरू हो गया है। 

देश के शीर्ष अखबारों में से एक टाइम्स ऑफ इंडिया (टीओआई) ने सूत्रों के आधार पर दावा किया है कि  बीएसएनएल के शीर्ष अधिकारियों की केंद्रीय दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन के साथ बैठक हुई है, जिसके बाद यह निर्देश सामने आया है। बैठक के दौरान BSNL के चेयरमैन अनुपम श्रीवास्तव ने दूरसंचार सचिव के समक्ष एक प्रजेंटेशन दिया, जिसमें कंपनी की वित्तीय हालत, उसका कुल घाटा, रिलायंस जियो के आने के बाद उसके कारोबार पर असर, संभावित तौर पर कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) और समय से पहले सेवानिवृत्ति की योजना का विस्तृत विवरण पेश किया। 

विनिवेश के साथ कंपनी बंद करने का भी विकल्प / The option to shut down the company with disinvestment

दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ तो सरकार ने BSNL में नई जान फूंकने के विकल्प पर विचार करने को कहा है, वहीं दूसरी तरफ उसने कंपनी को बंद करने को लेकर विश्लेषण करने की भी बात कही है। बीएसएनएल को सरकार के पास मौजूद तमाम विकल्पों का तुलनात्मक विश्लेषण करने को कहा गया है। सूत्रों ने कहा, 'इन विकल्पों में कंपनी में रणनीतिक विनिवेश, कंपनी बंद करने या वित्तीय समर्थन से नई जान फूंकना शामिल है।' 

भारी तादाद में KARMCHARIYO को बड़ी मुसीबत बताया

बीएसएनल के कहा कि प्रतिस्पर्धा के अलावा, कंपनी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत भारी संख्या में उसके कर्मचारी हैं। कर्मियों की संख्या घटाने के लिए उसने वीआरएस या सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल से घटाकर 58 साल करने की बात कही है। कंपनी ने कहा, 'अगर सेवानिवृत्ति की उम्र 2019-20 से घटा दी जाती है, तो इससे कंपनी को वेतन के मद में 3,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।' 

67000 EMPLOYEES को VRS देने की तैयारी

वीआरएस के संबंध में कंपनी ने कहा है कि वह इसके लिए 56-60 साल की उम्र वाले कर्मचारियों को टार्गेट करेगी, जिससे 67,000 कर्मी इसके दायरे में आ जाएंगे। कंपनी ने कहा, 'अगर इनमें से 50 फीसदी कर्मचारियों (33,846) को वीआरएस दिया जाता है, तो इससे वेतन मद में 3,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। विभिन्न मदों में अनुग्रह राशि 6,900 करोड़ रुपये से 6,300 करोड़ रुपये होगी।' 

मोनेटाइजेशन का भी सुझाव / Suggestion for monetization

बीएसएनएल ने अपनी जमीनों और बिल्डिंगों से आय उपार्जित करने का भी सुझाव दिया है, जो 15,000 करोड़ रुपये की है। कंपनी ने कहा कि यह काम डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट ऐंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) को अगले दो से तीन साल के भीतर करना चाहिए। 



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