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Navodaya Vidyalaya,: टीबी की मरीज STUDENT को स्कूल से निकाला | GWALIOR NEWS



ग्वालियर। गदाईपुरा ग्वालियर निवासी 12 वर्षीय मासूम छात्रा साक्षी नवोदय विद्यालय में कक्षा 8 की छात्रा है। 5 महीने पहले उसे टीबी की बीमारी हुई तो प्राचार्य ने उसे स्कूल से निकाल दिया। कहा कि यह छूत की बीमारी है। डॉक्टरों का कहना है कि टीबी छूत की बीमारी नहीं हैं। यह सामान्य बीमारी है। इसका इलाज किया जा रहा है। 

engineer बनना चाहती है SAKSHI

भैया मेरा नाम साक्षी है। कक्षा 8 में पढ़ती हूं। बड़ी होकर मुझे इंजीनियर बनना है। लेकिन मेरे पापा टीवी मैकेनिक हैं। वे मुझे प्राइवेट स्कूल में पढ़ा नहीं सकते थे। तीन साल पहले मोहल्ले के टीचर अंकल ने पापा को बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय में होनहार छात्रों को सीबीएसई बोर्ड की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में नि:शुल्क मिलती है लेकिन उसके लिए प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है। भैया, मैंने वो परीक्षा पास की और डबरा के पिछोर वाले जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश लिया। तब से वहीं रहकर पढ़ रही थी। 

PRINCIPAL ने SCHOOL आने से रोक दिया

5 महीने पहले मैं TB patient हुई तो स्कूल के प्राचार्य ने ट्रीटमेंट का पर्चा मांग लिया। प्राचार्य ने पापा से कहा- बच्ची को टीबी है। यह छूत की बीमारी है। दूसरे बच्चे भी बीमार हो जाएंगे। जब तक बच्ची ठीक नहीं होगी, उसे घर पर रखें। अपने पापा के साथ तीन से चार बार प्राचार्य से मिलने जा चुकी हूं लेकिन वे हर बार बीमारी के बहाने मुझे स्कूल आने से रोक देते हैं। 

प्राचार्य कहते हैं CMHO से लिखवाकर लाओ

बच्ची के पिता बृजकिशोर शर्मा बताते हैं कि कई बार प्राचार्य के यहां निवेदन किया। डॉक्टर का पर्चा दिखाया, वे कहते हैं कि सीएमएचओ से लिखवाकर लाओ कि बच्ची को अब टीबी नहीं है। वह कहते हैं रोज लेकर आओ और वापस ले जाओ, ऐसे में वह अर्धवार्षिक परीक्षा भी नहीं दे सकी।

डॉ. करुणेश पिपरिया का कहना है कि

छात्रा को फेफड़ों में टीबी का संक्रमण प्रारंभिक स्तर पर था। वैसे भी टीबी एक बच्चे से दूसरे बच्चे में नहीं फैलती है। यह बीमारी वयस्कों में एक से दूसरे में फैलती है और उन्हीं से बच्चों को लगती है। वर्तमान में छात्रा का वजन लगातार बढ़ रहा है। उसकी टीबी से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट भी निगेटिव आ रही हैं। ऐसे में वह स्कूल में बच्चों के साथ बैठ सकती है। 

डॉ.केके तिवारी, विभागाध्यक्ष, TB & Chest Department, GRMC ग्वा. का बयान  

एक बच्चे से दूसरे बच्चे को टीबी नहीं फैलती है। अगर इस आधार पर छात्रा या किसी भी बच्चे को स्कूल से निकाला जाता है या पढ़ाई से वंचित किया जाता है तो यह अमानवीय कृत्य है। डॉ.केके तिवारी, विभागाध्यक्ष, टीबी एवं चेस्ट विभाग, जीआरएमसी,ग्वा.

अजय राज, प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय, पिछोर अपनी बात पर अड़े

टीबी छूत की बीमारी है। साक्षी की वजह से यह बीमारी दूसरे बच्चों में लग सकती है। स्कूल की नर्स भी यही कहती है। इसलिए हमने बच्ची के अभिभावकों से कहा कि बच्ची को पहले ठीक हो जाने दें, तब स्कूल लेकर आएं।