ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलने पहुंचे दिग्विजय सिंह और केपी सिंह | MP NEWS

Updesh Awasthee
भोपाल। गुना सांसद एवं पूर्व मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली में हैं। मध्यप्रदेश से कांग्रेस विधायकों के बागी तेवरों की खबरें लगातार आ रहीं हैं। वंचित रह गए विधायकों में ज्यादातर दिग्विजय सिंह खेमे के हैं। इस बीच दिग्विजय सिंह और केपी सिंह सिंधिया से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। हालांकि दोनों ने अलग-अलग मुलाकात की। बताया जा रहा है कि केपी सिंह सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई धमकी के बारे में स्पष्टीकरण देने गए थे। 

राजवर्धन सिंह की मुलाकात राहुल गांधी से हुई
नाराज विधायक राजवर्धन सिंह अपनी वरिष्ठता और मंत्री पद नहीं मिलने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने यह तथ्य रखा कि वे तीन बार के विधायक हैं और उनसे जूनियर विधायकों को मंत्री बना दिया गया है, लेकिन उनका नाम काट दिया गया। मुलाकात के बाद राजवर्धन का नया बयान नहीं आया है। इसके बाद राजवर्धन सिंह का कोई नया बयान नहीं आया है। इससे पहले उन्होंने इस्तीफा देने की धमकी दे दी थी। 

केपी सिंह भी सिंधिया से मिले
सोशल मीडिया पर सिंधिया के पिछोर क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध वाली पोस्ट के बाद क्षेत्रीय विधायक केपी सिंह दिल्ली में सिंधिया से मुलाकात करने पहुंचे। सोशल मीडिया पर जिस युवक ने पोस्ट डाली वह केपी सिंह समर्थक ही बताया जाता है। इस मुलाकात को उसी सोशल मीडिया पोस्ट से जोड़कर देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि सिंह ने उस पर अपनी सफाई दी है।

विभाग वितरण से नाराज मंत्री
सूत्र बताते हैं कि मंत्री पद की शपथ लेने के चौथे दिन मिले विभागों से कुछ मंत्री नाराज हैं। वे दबी जुबान से मनचाहे विभाग नहीं मिलने की बात कहते हैं। वरिष्ठ मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कृषि विभाग नहीं मिलने पर अपनी नाराजगी दिग्विजय सिंह को बता दी है तो प्रदीप जायसवाल की इच्छा थी कि उन्हें लोक निर्माण विभाग मिले। उन्हें खनिज विभाग दिया गया है। इसी तरह सज्जन सिंह वर्मा को उम्मीद थी कि उन्हें नगरीय विकास एवं आवास विभाग मिले जो दिग्विजय सिंह ने अपने पुत्र जयवर्द्धन सिंह को दिला दिया है।

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