जिस मंदसौर के कारण देश भर में बदनाम हुए शिवराज, वहां रिकॉर्ड जीत मिली | MP NEWS

12 December 2018

भोपाल। 'मंदसौर गोलीकांड' शिवराज सिंह चौहान सरकार के दामन पर लगा एक ऐसा दाग जिसे अंत तक धोया नहीं जा सका। यहीं से कांग्रेस को संजीवनी मिली और यहीं पर राहुल गांधी के किसानों को कर्जमाफी का ऐलान किया परंतु चौंकाने वाली बात यह है कि मंदसौर सीट से भाजपा ने ना केवल जीत दर्ज की है बल्कि रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कराई है। 

क्या नतीजे आए मंदसौर के / What result did Mandsaur


मंदसौर से भाजपा प्रत्याशी यशपालसिंह सिसौदिया ने इस बार भी जीत का रिकाॅर्ड कायम रखा। उन्होंने तीसरी बार विधायक का चुनाव लड़ते हुए जिले में सर्वाधिक एक लाख से अधिक वोट प्राप्त करने का रिकाॅर्ड भी अपने नाम किया। यह उपलब्धि उन्होंने किसान आंदोलन व विरोध लहर के बावजूद हासिल की। सिसौदिया ने अपने विरोधी पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा को 18083 वोटों से पराजित किया। मंदसौर विधानसभा के 1 लाख 1 हजार 506 मतदाताओं ने सिसौदिया पर ही भरोसा जताया। उनकी यह लगातार सातवीं जीत है। सिसौदिया अब तक 3 बार पार्षद, 1 बार नगरपालिका अध्यक्ष एवं निरंतर तीन बार विधायक का चुनाव जीते। 

क्या था 'Mandsaur shootout'


महाराष्ट्र में कर्जमाफी के लिए किसान आंदोलन शुरू हुआ था। सोशल मीडिया के जरिए यह मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों तक आ गया। मंदसौर में अफीम की खेती होती है। यहां के किसान सरकार से नियमों में राहत चाहते थे। किसान आंदोलन में मंदसौर के किसानों ने उग्र प्रदर्शन किया तो पुलिस ने फायरिंग कर दी। 6 किसान मारे गए। 

'मंदसौर गोलीकांड' का CONGRESS को क्या फायदा हुआ 


मध्यप्रदेश में कांग्रेस मुद्दा विहीन थी। एक भी ऐसा मामला नहीं था जिसमें कांग्रेस प्रभावशाली प्रदर्शन कर पा रही हो। 'मंदसौर गोलीकांड' को राहुल गांधी ने लपक लिया। वो दिल्ली से मंदसौर आए। शिवराज सिंह सरकार ने उनका प्रवेश प्रतिबंधित करके मामले को हाईट दे दी। यह मामला देश भर की सुर्खियों में आ गया। राहुल गांधी ने यहीं से कांग्रेस को संजीवनी दी और किसानों को कर्जमाफी का ऐलान कर दिया। राहुल ने अपने वादे को बार बार दोहराया। मंदसौर ही था जहां से कांग्रेस जीत की तरफ आगे बढ़ी। 

'मंदसौर गोलीकांड' से BJP को क्या नुक्सान हुआ


'मंदसौर गोलीकांड' के कारण मध्यप्रदेश भर का किसान शिवराज सिंह सरकार से नाराज हो गया। सीएम शिवराज सिंह खुद को किसान हितैषी नेता बताते हैं। उन्होंने 'मंदसौर गोलीकांड' मामले को संभालने की काफी कोशिश की परंतु जनता के बीच संदेश नहीं जा पाया। अंतत: लोगों ने शिवराज सिंह का झूठा नेता माना।

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