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JABALPUR: अंशिका की आत्महत्या: अब तक की सबसे चौंका देने वाली घटना | MP NEWS

जबलपुर। 14 साल की एक लड़की अंशिका उईके ने जिस तरह से आत्महत्या की। देखने वाला हर कोई चौंक उठा। जैसे वो सुसाइड की जिद ठाने बैठी थी। वो रेल की पटरी पर लेट गई थी। ट्रेन आई लेकिन उसके ऊपर से नहीं गुजरी बल्कि रुक गई। ड्राइवर नीचे उतरा। उसने अंशिका को समझाया। अंशिका पटरी से उठाकर दूर खड़ी हो गई लेकिन इसके बाद उसने जो कुछ किया, इसका अंदेशा किसी को नहीं था। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मुख्य स्टेशन से रवाना होकर मदनमहल जा रही ट्रेन के ड्राइवर ने एक किशोरी को पटरी पर लेटा देखा तो हैरान रह गया। उसने दो बार हार्न बजाया, लेकिन किशोरी नहीं उठी। जिस पर ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका और इंजन से उतरकर किशोरी के पास पहुंचा। ड्राइवर ने कुछ देर तक किशोरी को समझाया तो वह पटरी से उठ गई, लेकिन जैसे ही ट्रेन दोबारा चली किशोर दौड़ते हुए उसके आगे कूद गई। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना बुधवार दोपहर तकरीबन 3 बजे की है। मृत किशोरी की पहचान अंशिका उईके (14) निवासी नरसिंह मंदिर के पीछे गोरखपुर के रूप में हुई है। अंशिका कटंगा स्थित स्वामी विवेकानंद (कैंट) स्कूल में कक्षा 9वीं की छात्रा थी। उसने आत्महत्या क्यों कि इसका खुलासा फिलहाल नहीं हो सका है। परिजन भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं।

मां के डांटने से नाराज थी
नरसिंह मंदिर के पीछे रहने वाला वीरू उर्फ वीरेन्द्र सिंह और उसकी पत्नी शकुंतला मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मजदूर दंपती की दो बेटियों में अंशिका छोटी थी। जिस कारण वह सभी की लाड़ली थी। उसको 2-3 दिन पहले मां शकुंतला ने पढ़ाई-लिखाई न करने व बेवजह यहां-वहां घूमने से मना किया था। इस बात से अंशिका रूठ गई और शांत रहने लगी।

बुधवार की सुबह उसके माता-पिता मजदूरी करने गए थे। घर में अंशिका व उसकी बड़ी बहन थी। दोपहर 2 बजे अंशिका को अकेला छोड़कर बड़ी बहन काम पर चली गई। इसके कुछ देर बाद अंशिका घर से निकलकर सामने स्थित रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई। इसके कुछ देर बाद ट्रेन के कई बार हार्न बजने की आवाज से मोहल्ले के लोगों की नजर रेलवे ट्रैक पर गई। फिर अंशिका की मौत को लेकर मोहल्ले के लोगों के बीच चर्चाएं होने लगीं।

अपलाइन पर दोपहर में एक किशोरी की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। किशोरी ने आत्महत्या की या यह हादसा इसकी जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। 
उषा दीक्षित, प्रधान आरक्षक व जांच अधिकारी, जीआरपी जबलपुर