कैलाश विजयवर्गीय: बेटा जीता लेकिन प्रतिष्ठा हार गई, क्या कहा था, क्या हो गया | INDORE MP NEWS

Advertisement

कैलाश विजयवर्गीय: बेटा जीता लेकिन प्रतिष्ठा हार गई, क्या कहा था, क्या हो गया | INDORE MP NEWS

इंदौर। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के दावेदार कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय इंदौर 3 विधानसभा सीट से जीत तो गए लेकिन उनकी प्रतिष्ठा हार गई। उन्होंने नतीजे आने से पहले कहा था कि यदि आकाश विजयवर्गीय की जीत 15 हजार से कम वोटों से कम हुई तो मैं समझूंगा कि इस शहर की सेवा करने में मुझसे कोई कसर रह गई।

उषा ठाकुर की सीट छीनी थी कैलाश विजयवर्गीय ने
बता दें कि इंदौर 3 विधायक उषा ठाकुर की सीट थी और महू कैलाश विजयवर्गीय की। जब बेटे को टिकट दिलाने की बारी आई तो सबसे पहले कैलाश विजयवर्गीय ने रमेश मेंदोला की सुरक्षित सीट इंदौर 2 को चुना। यहां तक कि मेंदोला ने भी बयान दिया कि उन्हे कोई परेशानी नहीं है। शिवराज सिंह ने इंकार किया तो इंदौर 3 से टिकट मांग लिया। उषा ठाकुर यहां से 13000 वोटों से जीतीं थीं। कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे को 7000 वोटों से जिता पाए। 

कहा था प्रचार नहीं करूंगा, फिर विशाल रोड शो किया
कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे को टिकट दिलाने के बाद ऐलान किया था कि वो आकाश का चुनाव प्रचार नहीं करेंगे लेकिन चुनाव प्रचार के अंतिम दिन उन्होंने इंदौर 3 में ना केवल अमित शाह का भव्य रोड शो कराया बल्कि खुद भी शामिल हुए और वोट मांगे। बताने की जरूरत नहीं कि यह सीट कैलाश विजयवर्गीय के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न थी।