ELECTION बाद सनसनीखेज प्रशासनिक सर्जरी होगी: आशीष दुबे की रिपोर्ट | MP NEWS

03 December 2018

भोपाल। पत्रकार आशीष दुबे ने दावा किया है कि चुनाव के बाद मध्यप्रदेश में एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होगी और वो सनसनीखेज होगी। आशीष ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भाजपा ही यदि दोबारा सत्ता में लौटी तो उन अफसरों को ‘काला-पानी” भेजा जा सकता है जो पिछले चार-पांच महीने से दो नावों पर पैर रखे हुए थे, यानि शिवराज सरकार के लिए भी काम कर रहे थे और विभिन्न माध्यमों से कांग्रेस चीफ KAMALNATH के साथ भी कदमताल करने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे अफसरों की एक खुफिया रिपोर्ट भी तैयार की गई है और मौजूदा मुख्यमंत्री के तेवर इनके प्रति काफी सख्त हैं।

विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि मप्र के दो दर्जन IAS और IPS अफसरों की गतिविधियों पर एक रिपोर्ट खुफिया महकमे ने तैयार कर चुनाव से कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपी है। इसमें पाया गया है कि यह अफसर मप्र में प्रमुख पदों पर हैं लेकिन किसी न किसी रूप में कांग्रेस के भी मददगार बने हुए हैं। कम से कम चार अफसर ऐसे भी हैं जो शिवराज सरकार में बेहद ताकतवर हैं लेकिन वे कांग्रेस के साथ भी पींगे बढ़ा रहे थे। सूत्र यहां तक बताते हैं कि कुछ अफसरों के साथ दिल्ली में भी कमलनाथ की दो डिनर बैठक हुई हैं।

दो नावों पर सवार अफसरों का मामला, खुफिया रिपोर्ट तैयार


एक बैठक में एसीएस स्तर के मप्र कॉडर के आईएएस मौजूद थे और दूसरी बैठक में प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के मददगार अफसर जुटे थे। इसके अलावा कमलनाथ के भोपाल स्थित सरकारी आवास पर भी देर रात अक्सर मप्र के अफसर उनसे मुलाकात करने पहुंचते थे। उल्लेखनीय है कि मप्र कॉडर के दर्जनों अफसर कांग्रेस सरकार के समय कमलनाथ के साथ केंद्र सरकार में काम कर चुके हैं। मप्र के महाकोशल के जिलों में भी नाथ के पसंद के अफसरों की पोस्टिंग रही हैं, यह सभी अब सीनियर पदों पर हैं।बताया जाता है कि एक रिटायर्ड मुख्यसचिव के माध्यम से भी कई अफसरों ने नाथ से पींगे बढ़ाने की जुगत भिड़ाई थी।यह अफसर शिवराज सरकार में भी ताकतवर पद पर हैं।

11 के बाद नये सीएस पर बात


मप्र में नयी सरकार का गठन होने के बाद सबसे पहले प्रशासनिक जमावट बड़ा मुद्दा होगा। मौजूदा मुख्यसचिव बीपी सिंह का कार्यकाल भी इसी महीने समाप्त हो रहा है। उन्हें छह महीने की सेवावृध्दि दी गई थी। ऐसे में भाजपा सत्ता में आती है तो तीन दावेदार अफसर राधेश्याम जुलानिया,इकबाल सिंह बैंस व रजनीश वैश में से किसी को चुना जा सकता है लेकिन कांग्रेस सरकार सत्ता में आई तो अफसरों के मौजूदा सभी समीकरण उलटपुलट होंगे। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस सरकार में एसआर मोहंती मुख्यसचिव के प्रबल दावेदार होंगे। भाजपा के शासन में उनका कॅरियर उथलपुथल के दौर से गुजरा है। मोहंती तेजी से निर्णय के लिए जाने जाते हैं। भाजपा सरकार ने मोहंती को दरकिनार कर उनसे दो साल जूनियर बीपी सिंह को मुख्यसचिव बना दिया था। मोहंती मार्च 2020 में रिटायर होंगे।भाजपा सत्ता में रही तो भी इकबाल सिंह व जुलानिया का दावा बनेगा, हालांकि दोनों का कॅरियर कांग्रेस सरकार के समय भी बेहतर ही रहा है।

यह भी तय है कि सरकार बदलने पर कई अफसरों के दिन फिर सकते हैं। इनमें कांग्रेस शासन में बेहतर पदों पर रहे अफसरों के अलावा कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ काम कर चुके अफसर मुख्यधारा में आ जायेंगे। पॉवरफुल अफसरों की गिनती में संजय बंदोपाध्याय का नाम भी हो सकता है जो कमलनाथ के बतौर केंद्रीय मंत्री कार्यकाल के दौरान उनके पीएस रहे हैं। इसके अलावा मलय श्रीवास्तव, आशीष उपाध्याय, प्रवीण गर्ग आदि भी मजबूत हो सकते हैं। लेकिन भाजपा की ही सरकार कायम रही तो मौजूदा अफसर ही शीर्ष पर होंगे। इनमें मो सुलेमान, विवेक अग्रवाल जैसे आधा दर्जन अफसर हैं।लेकिन कांग्रेस की सरकार में शिवराज के चहेते अफसरों को भी दिक्कत का सामना करना पडेगा। हांलांकि एक अफसर का कहना है कि सब कुछ मैनेज किया जा सकता है।

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