शिवराज सिंह जिन्हे मंत्री बनाना चाहते थे, वो 40 हजार वोटों से हार गईं | BHOPAL NEWS

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शिवराज सिंह जिन्हे मंत्री बनाना चाहते थे, वो 40 हजार वोटों से हार गईं | BHOPAL NEWS


भोपाल। राजधानी की गुड़िया अपने पिता की हार का बदला लेने आई थी। सीएम शिवराज सिंह ने ऐलान किया था कि जिंदगी का पहला चुनाव लड़ रही गुड़िया को मंत्री बनाएंगे। अब हालात यह है कि मध्यप्रदेश में चाहे भाजपा की सरकार बन जाए परंतु गुड़िया मंत्री नहीं बन पाएंगी क्योंकि वो करीब 40 हजार वोटों से हार गईं। 

यहां बात भोपाल उत्तर सीट की हो रही है। चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीट मानी जा रही भोपाल-उत्तर सीट का परिणाम भी साफ हो गया है। भोपाल-उत्तर सीट पर बीजेपी की इकलौती मुस्लिम प्रत्याशी फातिमा रसूल सिद्दिकी चुनाव में थीं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक आरिफ अकील को हराने के लिए फातिमा को उतारा गया था। चुनाव आयोग के अनुसार ARIF AQUEEL Indian National Congress 90403 और FATIMA RASOOL SIDDIQUI (GUDIYA) Bharatiya Janata Party को 55546 वोट मिले हैं। 

CONGRESS नेता की हैं बेटी


बीजेपी ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपनी अंतिम सूची में भोपाल-उत्तर सीट से फातिमा रसूल सिद्दीकी को टिकट दिया था। फातिमा हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुईं थी। फातिमा पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता नेता मरहूम रसूल अहमद सिद्धीकी की बेटी हैं। आरिफ इस सीट पर कांग्रेस के वर्तमान विधायक हैं और 1992 से अब तक लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।

पिता की हार का बदला नहीं लेने BJP में आई थी Fatima Rasool


फातिमा के पिता रसूल अहमद सिद्दीक़ी 90 के दशक में भोपाल उत्तर सीट से 2 बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं। 1992 में आरिफ अकील ने जनता दल पार्टी से चुनाव लड़कर उन्हें हरा दिया था। सिद्दीकी उस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें 74000 वोट मिले थे। आरिफ अकील बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। फतिमा रसूल अपने पिता की हार का बदला लेने के लिए बीजेपी में शामिल हुई थीं, लेकिन चुनावी नतीजों से यह एक सपना ही बनकर रह गया है।