भाई के हाथ में इंदौर का भविष्य, ताई के हाथ में ताकत नहीं रही | INDORE NEWS

09 November 2018

इंदौर। भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद इंदौर की हवा बदल गई है। राजनीति के आलोचक या पार्टी की गाइडलाइन पर चलने वाले कुछ भी कहें परंतु इंदौर शहर में एक बात बहुत स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही है कि इंदौर का भविष्य अब भाई यानी कैलाश विजयवर्गीय के हाथ में हैं। ताई यानी सुमित्रा महाजन के पास ताकत नहीं रही। 

मामला ताई-भाई के बीच चली पुत्र प्रेम की कहानी है। कैलाश विजयवर्गीय 2013 से लगातार कोशिश कर रहे थे कि उनका बेटा आकाश विजयवर्गीय विधायक बने। 13 में वो सफल नहीं हो पाए लेकिन 18 के चुनाव में वो अपनी मांग पर अड़ गए। इधर ताई भी अपने बेटे मंदार महाजन को टिकट दिलाना चाहतीं थीं। वो इंदौर 3 से मंदार को उतारने की योजना पर काम कर रहीं थीं और कैलाश विजयवर्गीय इंदौर 2 से आकाश को। 

कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले में पूरी ताकत झोंक दी। अंतत: वो इंदौर 2 से अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय को टिकट दिलाने में तो सफल हुए ही, इंदौर 3 से उन्होंने रमेश मेंदोला को टिकट दिला दिया। मंदार महाजन का नाम लिस्ट में कहीं नहीं था। राजनीति के जानिए अपने स्तर पर सही और गलत का आंकलन कर रहे हैं परंतु इंदौर की आम जनता ने यह मान लिया कि अब ताकत सिर्फ कैलाश विजयवर्गीय के पास रह गई है। इंदौर में शक्ति का दूसरा केंद्र सुमित्रा महाजन नहीं हैं। जो अपने बेटे को टिकट नहीं दिला पाईं, वो समर्थकों को क्या दिला पाएंगी। 
मध्यप्रदेश और देश की प्रमुख खबरें पढ़ने, MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com

-----------

अपनी पसंदीदा श्रेणी के समाचार पढ़ने कृपया नीचे दिए गए श्रेणी के ​बटन पर क्लिक करें

Loading...

Popular News This Week