आज मुझे समझ आया मप्र में सबसे ज्यादा रेप क्यों होते हैं | khula khat to CM shivraj singh by Vandana Dwivedi

21 October 2018

Vandana Dwivedi | NCRB के आकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा रेप हमारे मध्य प्रदेश में होते है, आज मुझे समझ में आया के आकड़ों में सबसे पहला स्थान हमारा क्यों है। मैं और मेरी सहेली हम दोनों मंदिर से दर्शन करके आपस घर आ रहे थे, आज दशहरा भी था रावण को हम वर्षों से सज़ा देते आ रहे है। हम विवेकानंद चिल्ड्रन गार्डन, भोपाल के पास पहुंचे, वहा पर एक लड़का जो शराब के नशे में धुत्त था, सामने से हमरी ओर आ रहा था और उसने मेरी सहेली को पकने की कोशिश की, मेरी सहेली पीछे हट गयी, वो मेरी तरफ बढ़ा और मैं जोर से चिल्लाई "क्या है"।

हमसे तकरीबन 4 कदम की दूरी पर 100 no. इमरजेंसी हेल्प लाइन की गाड़ी खड़ी थी और उसके बाहर एक पुलिस वाला, जिसने हाथ में वायलेस हैंडसेट भी था और वो ये सब खड़े होकर देख रहा था, उसने न तो उस लड़के को पकड़ने के बारे में सोचा और न हमारी मदद करने के बारे में, जब मैंने गुस्से में बोला " ये यहाँ पर क्यों खड़े है जब हमें प्रोटेक्ट ही नहीं करना है", तब उस जाते हुए लड़के को उन्होंने कहा "बहोत तप्पड़ मरूंगा तुझे मैं"।

पता नहीं उस लड़के ने उन्हें ये कहते हुए सुना भी या नहीं, और सुना भी होता तो क्या फर्क पड़ता, उसको पता था ये कुछ नहीं करने वाले तभी तो एक पुलिस ही गाड़ी और पुलिस वाले के सामने उसने हमें हाथ लगने की कोशिश की। 

उसके बाद वो पुलिस वाला हमारे पास आया, और बोले लगा। 
पुलिस वाला - नाम क्या है तुम्हरा 
मैं - नाम बताया 
पुलिस वाला - आपको देख कर अच्छा लगा और पता चला आप जैसी बहादुर लड़किया भी है। 
मैं - आपको मैं नहीं जानती आप कौन है, लेकिन अपने जो ये खाकी वर्दी पहनी है उसे मैं जानती हूं, और भरोसा करती थी के आप लोग है हमें प्रोटेक्ट करने के लिए, पर आपने कुछ क्यों नहीं किया? 
पुलिस वाला - आप भी पंडित, मैं भी पंडित हूं, आप बहोत बहादुर है, (पुलिस वाले का नाम - नरेंद्र चतुर्वेदी, बैच no 1818)
मैं - मैं एक लड़की हूं और ये किसी भी लड़की के साथ हो सकता था आप सामने थे सब कुछ देखा अपने उससे क्यों नहीं पकड़ा?।
पुलिस वाला - क्योंकि आपको थाना जाना पड़ता परेशान होते,
मैं - तो मैं जाती और करती कम्प्लेन, आपको पकड़ना चाहिए था। 
पुलिस वाला - उसने शराब पी राखी थी, मैं उसको मार देता ज्यादा लग जाती तो समस्या हो जाती। एक बार मैंने एक आदमी को मार दिया था उसका पैर टूट गया था तो दिक्कत आ गयी थी, इसने भी शराब पी कर रख्खी थी, मार देता दांत टूट जाते। 

मध्य प्रदेश पुलिस के सामने हमारे साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गयी, वो पुलिस वाला खुद गवाह था जिसने ये सब होते हुए देखा और उसने क्या किया कुछ नहीं क्योंकि अगर उस पर ये हाथ उठा देंगे और उसको ज्यादा लग जाएगी तो इनकी नौकरी पे दाग लगेगा। 

हमने तो नहीं कहा के आप मारिए ऐसे लोगो को, हमने तो नहीं कहा के आप ये पुलिस की वर्दी पहनिए जिसपे पे हमें भरोसा था के अगर पुलिस के पास जायेंगे तो वो हमें प्रोटेक्ट करेगी। 
और ये पहली बार नहीं हुआ है जब मध्य प्रदेश पुलिस ने देखते हुए भी कुछ नहीं किया, 4 महीने में ये दूसरी बार है जब मैंने देखा के पुलिस वाले सब कुछ देखते हुए भी कुछ नहीं करना चाहते है। 
मैं 1090 पे कॉल किया और कम्प्लेन की, उसके बाद मुझे 100 भोपाल से कॉल आया और मुझे बोला गया आप अपने पास के पुलिस स्टेशन में जाकर कम्प्लेन करें। 

अगर मैं कम्प्लेन नहीं करती तो वो लड़का (शराबी) और पुलिस वाला दोनों खुश, और अगर करती हूं तो सुनेगा कौन खुद पुलिस वाला और किस-किस बात की कम्प्लेन करें हम, बुरा इस बात का नहीं लगा के किसी लड़के ने छेड़ा, आदत पड़ गयी है हम लड़कियों को ये सब सहने की और सुनाने की, लगता था की हम लड़कियां कायर उनके खिलाफ पुलिस कम्प्लेन नहीं करते, लेकिन आज ये सब देख कर बहुत बुरा लगा, पुलिस वाले के सामने ये सब हो रहा था और उसने कुछ नहीं किया, समझ सकती हूँ के तुम्हारी इंसानियत ख़तम हो गयी, और तुम्हारी ड्यूटी भी। 

शिवराज सिंह चौहान जी आप को हमारे मामा जी बनाने की जरुरत नहीं है, आप बस हमारे मुख्य-मंत्री बन जाईये। आप मुख्य-मंत्री है, मध्य-प्रदेश के मुखिया भी है और उस हिसाब से मध्य-प्रदेश पुलिस के भी, आज जो हमारे साथ हुआ उसके जिम्मेदार आप हुये, आप असफल रहे हमें प्रोटेक्शन देने में, और हमारे मामा बनाने में भी और अपनी जिम्मेदारियों में भी। 
लेखक सुश्री वंदना द्विेवेदी मूलत: रीवा की रहने वालीं हैं एवं Indian Institute of Tourism and Travel Management से MBA किया है। 

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