LOKSABHA CHUNAV HINDI NEWS यहां सर्च करें




CBI हेडक्वार्टर में CBI का दूसरा छापा, चीफ और स्पेशल डायरेक्ट छुट्टी पर भेजे गए | NATIONAL NEWS

24 October 2018

नई दिल्ली। अब तक सीबीआई पर आरोप लगते थे, अब सीबीआई के माथे पर दाग लग चुका है। देश की सबसे भरोसेमंद संस्था केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो में रिश्वतखोरी के बड़े मामले सामने आ रहे हैं। हालात यह हैं कि सीबीआई की टीम ने सीबीआई हेडक्वार्टर में लगातार दूसरी बार छापामारी की। सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और नंबर दो अफसर स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है। केंद्र ने बुधवार को ज्वाइंट डायरेक्टर एम नागेश्वर राव को जांच एजेंसी का अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया है। 

आलोक वर्मा सुप्रीम कोर्ट गए
सीबीआई चीफ आलोक वर्मा ने केंद्र सरकार की कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पिटिशन दाखिल कर दी है। इस पर 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी। इस बीच, सीबीआई ने बुधवार को तीन दिन में दूसरी बार अपने ही मुख्यालय पर छापा मारा। सोमवार को भी यहां छापा मारा था। अस्थाना और उनकी टीम के एक डीएसपी पर मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है।

जिस नागेश्वर राव को पॉवर दी, उस पर भी संगीन आरोप: प्रशांत भूषण
वकील प्रशांत भूषण ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार गुजरात कैडर के अफसर अस्थाना को बचा रही है। दो साल की अवधि से पहले किसी भी सीबीआई चीफ को नहीं हटाया जा सकता। इसके बावजूद आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा गया। सरकार राफेल डील की जांच से बचना चाह रही है। वर्मा की जगह नागेश्वर राव को सीबीआई का इंटरिम चीफ बनाया है जबकि राव के खिलाफ भी कई संगीन आरोप हैं। 

अस्थाना ने FIR को हाईकोर्ट में दी है चुनौती
सीबीआई ने इस मामले में अपने ही स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और अस्थाना की एसआईटी के एक डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। अस्थाना ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। इस मामले में अदालत 29 अक्टूबर को सुनवाई करेगी। तब तक अस्थाना के खिलाफ कार्रवाई करने पर रोक लगाई गई है। 

टंटे की जड़ राकेश अस्थाना
2016 में सीबीआई में नंबर दो अफसर रहे आरके दत्ता का तबादला गृह मंत्रालय में कर अस्थाना को लाया गया था।
दत्ता भावी निदेशक माने जा रहे थे लेकिन गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर राकेश अस्थाना सीबीआई के अंतरिम चीफ बना दिए गए।
अस्थाना की नियुक्ति को वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। इसके बाद फरवरी 2017 में आलोक वर्मा को सीबीआई चीफ बनाया गया।
सीबीआई चीफ बनने के बाद आलोक वर्मा ने अस्थाना को स्पेशल डायरेक्टर बनाने का विरोध कर दिया। उन्होंने कहा था कि अस्थाना पर कई आरोप हैं, वे सीबीआई में रहने लायक नहीं हैं।
वर्मा 1984 की आईपीएस बैच के अफसर हैं। अस्थाना 1979 की बैच के आईपीएस अफसर हैं।

माेइन कुरैशी के मामले की जांच से शुरू हुआ रिश्वतखोरी विवाद
1984 आईपीएस बैच के गुजरात कैडर के अफसर अस्थाना मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मामले की जांच कर रहे थे। कुरैशी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग को आरोपों में पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान हैदराबाद का सतीश बाबू सना भी घेरे में आया। एजेंसी 50 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन के मामले में उसके खिलाफ जांच कर रही थी। कई बार पूछताछ भी की गई। सना ने सीबीआई चीफ को भेजी शिकायत में कहा कि अस्थाना ने इस मामले में उसे क्लीन चिट देने के लिए 5 करोड़ रुपए मांगे थे। इनमें 3 करोड़ एडवांस दिए गए। 2 करोड़ रुपए बाद में देने थे।

बिचौलिए ने भी कहा- अस्थाना को 2 करोड़ दिए गए
सीबीआई ने पिछले हफ्ते एक बिचौलिए मनोज कुमार को गिरफ्तार किया था। मनोज कुमार ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया कि अस्थाना को मीट कारोबारी कुरैशी की तरफ से 2 करोड़ रुपए की घूस दी गई थी। 

अस्थाना की टीम के DSP पर CBI चीफ को फंसाने का आरोप
आरोप है कि सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को फंसाने के लिए डीएसपी ने मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े हैदराबाद के कारोबारी सतीश बाबू सना का यह फर्जी बयान दर्ज किया था। 24 अगस्त को अस्थाना ने सीवीसी को पत्र लिखकर डायरेक्टर आलोक वर्मा पर सना से दो करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया था।
मध्यप्रदेश और देश की प्रमुख खबरें पढ़ने, MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com



-----------

अपनी पसंदीदा श्रेणी के समाचार पढ़ने कृपया नीचे दिए गए श्रेणी के ​बटन पर क्लिक करें

Suggested News

Loading...

Advertisement

Popular News This Week

 
-->