भाजपा पर 93 करोड़ के चुनाव घोटाले का आरोप | NATIONAL NEWS

Updesh Awasthee
नई दिल्ली। विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी पर 93 करोड़ 38 लाख रुपए खर्च करके चुनाव घोटाला कारित करने का आरोप लगा है। आरोप स्वतंत्र पत्रकार नवीनत चतुर्वेदी ने लगाया है। उनका कहना है कि पार्टी ने यह रकम अवैध गतिविधियों में खर्च की है। उनका कहना है कि इस घोटाले के लिए केंद्रीय मंत्री, केन्द्रीय संगठन मंत्री और चार्टर्ड अकाउंटेंट सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। भाजपा की ओर से इस बारे में अब तक कोई बयान नहीं ​आया है। 

भाजपा के सत्यापित दस्तावेजों में दर्ज है घोटाला

93 करोड़ की हेराफेरी के मामले में स्वतंत्र पत्रकार नवनीत चतुर्वेदी बताते हैं कि पिछले विधानसभा चुनाव के वक्त चुनाव आयोग का मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट 17 जनवरी 2017 से लेकर 15 मार्च 2017 तक लगा हुआ था, इस अवधि में हुए तमाम राजनीतिक चुनावी आय-व्यय के ब्यौरे को हर राजनीतिक दल को चुनाव आयोग में प्रस्तुत करना होता है। प्राप्त दस्तावेज बताते हैं कि 6 जुलाई 2017 को भाजपा ने यह रिपोर्ट बकायदा चार्टर्ड अकाउंटेंट से सत्यापित करवाते हुए मय राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष व पियूष गोयल और संगठन मंत्री राम लाल के हस्ताक्षरों व मुहर के साथ जमा करवाई थी। 

93 करोड़ 38 लाख रुपये कहां खर्च किए बताते क्यों नहीं

इन दस्तावेजों के अध्ययन से पता चलता है कि 17 जनवरी 2017 को भाजपा पार्टी फंड, केंद्र व यूपी मिलाकर 68.71 करोड़ था। 17 जनवरी से 15 मार्च तक पार्टी फण्ड में केंद्र व यूपी भाजपा में कुल चंदा इत्यादि मिला कर नकदी और बैंक जमा मिलाकर 254.14 करोड़ प्राप्त हुए। इस तरह कुल धन 322.85 करोड़ होता है। इस अवधि में भाजपा की केंद्र व यूपी राज्य इकाई ने चुनाव में विभिन्न चुनावी मदों में कुल 159.60 करोड़ रुपये खर्च किये। अब इस तरह पार्टी फंड में खर्च किये हुए रुपयों को घटा कर 163.25 करोड़ शेष बचना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अपने पार्टी फंड में सिर्फ 69.87 करोड़ कुल उपलब्ध राशि बैंक व नकद जोड़ कर बताई है, ऐसे में सवाल यह उठता है कि शेष राशि 93 करोड़ 38 लाख रुपये कौन ले गया? ये कहां खर्च किए गए। क्या कोई गैरकानूनी गतिविधि में खर्च किए गए। जिसका हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। 

भाजपा की ओर से कोई बयान नहीं आया

नवनीत चतुर्वेदी बताते हैं कि इस तरह का घालमेल भाजपा की हर राज्य इकाई के पार्टी फंड में हुआ है और इसकी जिम्मेवारी सीधे-सीधे पियूष गोयल, संगठन मंत्री राम लाल और चार्टर्ड अकाउंटेंट की बनती है। उन्हें सफाई देनी चाहिए लेकिन अब तक भाजपा के किसी भी पदाधिकारी प्रवक्ता का कोई बयान इस विषय पर नहीं आया है। जाहिर है पार्टी के वित्तीय कोष व लेन-देन के हिसाब की जिम्मेवारी सिर्फ पार्टी कोषाध्यक्ष और अध्यक्ष की है। 

आंध्र, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी हो चुका है घोटाला

उनका कहना है यह पार्टी फंड पब्लिक का पैसा है, कई लाख कार्यकर्ताओं ने चंदा दिया होगा और यह किसी पार्टी के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी का मामला नहीं है। यह सम्पूर्ण राष्ट्र और देशहित का मसला है, जिस पार्टी के फंड में उसी के नेता गड़बड़ी करें, उनसे इस देश के सरकारी खजाने की सलामती की उम्मीद कैसे रख सकते हैं और क्या गारंटी है कि इस तरह का गड़बड़झाला सरकारी खजाने में नहीं हुआ होगा। पहले भी आंध्र प्रदेश भाजपा में 23 करोड़, महाराष्ट्र भाजपा में 95 करोड़ और मध्यप्रदेश भाजपा में 119 करोड़ पार्टी फंड से गायब व चोरी होने का खुलासा हो चुका है।

कौन हैं नवनीत चतुर्वेदी

नवनीत चतुर्वेदी ने हाल ही में जयपुर में एक खुलासे के दौरान 2014 में भाजपा की बम्पर जीत को काले धन व विदेशी ख़ुफ़िया एजेंसियों से जोड़ते हुए प्रशांत किशोर को मोसाद का एजेंट बताया था। उसके बाद प्रशांत किशोर की फंडिंग पर सवाल उठाए। नवनीत पिछले एक महीने में अब तक देश भर में 9 प्रेस कांफ्रेंस कर चुके हैं। बहुचर्चित राफेल जहाज घोटाला का खुलासा भी इन्हीं की रिसर्च खोज पर आधारित है जिस पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को जमकर घेरा हुआ है।
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