रक्षा मंत्रालय की हथियार फैक्ट्री का कर्मचारी AK-47 का तस्कर | MP NEWS

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रक्षा मंत्रालय की हथियार फैक्ट्री का कर्मचारी AK-47 का तस्कर | MP NEWS


जबलपुर। य​ह मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित दिल्ली के रक्षामंत्रालय तक को हिला देने वाली खबर है। रक्षा मंत्रालय की हथियार फैक्ट्री जिसे ऑर्डिनेंस फैक्ट्री भी कहते हैं, का एक कर्मचारी अपराधियों या आतंकवादियों को AK-47 की तस्करी कर रहा था। यह फैक्ट्री मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर के खमरिया क्षेत्र में है। कर्मचारी का नाम पुरुषोत्तम बताया गया है। यह मूल रूप से रांची झारखंड का रहने वाला है। खुलासा होने से पहले ही कर्मचारी फरार हो गया। 

दरअसल बिहार की मुंगेर पुलिस ने बुधवार को एक युवक इमरान को जमालपुर चौराहे से कई घातक हथियारों सहित 3 एके-47 के साथ गिरफ्तार किया था। मुंगेर पुलिस की पूछताछ में इमरान ने जो खुलासे किए वो न सिर्फ चौंकने वाले थे बल्कि जबलपुर पुलिस सहित रक्षा मंत्रालय को हिलाने वाले भी हैं। आरोपी इमरान के मुताबिक पूरूषोत्तम नाम के एक युवक से उसने ये एके-47 साढ़े 4 लाख रु प्रति एक कि दर से खरीदी थी। पूछताछ में मुंगेर पुलिस को ये भी पता चला है कि पूरूषोत्तम जबलपुर की केन्द्रीय सुरक्षा संस्थान ओएफके में कार्य करता है।

मूल रूप से रांची का रहने वाला पूरूषोत्तम अभी कुछ दिनों से गायब भी है। मुंगेर पुलिस के मुताबिक इमरान ने हथियार ट्रेन के रास्ते से यहां तक लाया था और उसे ऊंचे दाम पर बेचने की फिराक में था। जबलपुर पुलिस पहले तो यह मानने को तैयार नहीं थी की यह एके-47 जबलपुर से कोई ताल्लुक रखते हैं क्योंकि अभी तक जबलपुर के इतिहास में कभी भी किसी अपराध के लिए जिले में एके-47 का उपयोग नहीं हुआ था। लिहाजा तमाम जानकारी के लिए एसपी अमित सिंह ने मुंगेर एक पुलिस टीम भेजी और वहां जाकर पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि सुरक्षा संस्थान ओएफके फैक्ट्री का कोई कर्मचारी इस एके-47 की तस्करी में लिप्त है। फिलहाल पूरूषोत्तम नाम का व्यक्ति पुलिस गिरफ्त से दूर है।

बिहार का मुंगेर जो कि हर तरह के घातक हथियारो के लिए देश भर में प्रसिद्ध है वहां से एके-47 मिलना और उसमे सुरक्षा संस्थान में कार्यरत कर्मचारी की सहभागिता होना संस्थान सहित पुलिस के लिए एक चुनौती है कि जल्द से जल्द पूरूषोत्तम नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार कर खुलासा करे कि एके-47 की तस्करी में उसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं और ये एके 47 कहा पर बनाई जा रही थी, साथ ही इसके लिए कच्चा माल कहा से लाया जा रहा था।
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